ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया। समीपस्थ ग्राम लोधीकापा में स्वर्गीय राजेंद्र वर्मा (शिक्षक) के वार्षिक श्राद्ध अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का समापन हवन-यज्ञ एवं भंडारे के साथ संपन्न हुआ। कथा के अंतिम दिवस व्यासपीठ से महंत श्री गोपाल शरण देवाचार्य महाराज जी ने श्रीमद् भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग से जुड़ने तथा सत्कर्म करने का संदेश दिया।
महाराज श्री ने कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होता है तथा व्यक्ति को आत्मिक बल की प्राप्ति होती है। इससे धार्मिक आस्था जागृत होती है और दुर्गुणों के स्थान पर सद्गुणों का विकास होता है। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो सकता है तथा जीव में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। विचारों में सकारात्मक परिवर्तन आने से व्यक्ति के आचरण में भी बदलाव आता है।

कथा समापन पर यजमान मनोज कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी तथा अरविंद कुमार द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई गई। इसके पश्चात हवन-यज्ञ एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, रिश्तेदारों, मेहमानों एवं ग्रामीणों ने शामिल होकर हवन में आहुति अर्पित की और प्रसादी ग्रहण की।
पूरे आयोजन में वर्मा परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई थी। परिवार के सदस्य तन, मन और धन से आयोजन को सफल बनाने में जुटे रहे। वर्मा परिवार लंबे समय से सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है तथा आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी उनकी सहभागिता बनी रहती है।
कार्यक्रम में दिलीप कुमार, कृष्ण कुमार वर्मा (प्राचार्य), सोनू पटेल, होलेश्वर पटेल, नायब तहसीलदार गोपाल, रोशनी पटेल, संतोष मंजू, भागवत, पुष्पा, बादल, दीपक पटेल, सूर्यप्रकाश, डॉ. पवन, डॉ. ज्योति वर्मा, राजू, अर्जुन वर्मा, नारायण वर्मा, कौशिल्या, इंदिरा, अमेरिका, सहोद्रा, सावित्री, शारदा, कन्हैया, मंदाकिनी, प्रमिला, पदमा, मोतीलाल, पीलू सिंह, महेश, राधे यादव, रामरतन, ईश्वर सिन्हा, शेखर, त्रिलोकी यादव, मालिक निषाद, हरिदास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अनिल सिंघानिया, राजेश राजपूत, तोषुराम वर्मा, राजेंद्र निर्मलकर एवं सनत सिंह पटेल भी उपस्थित थे।




