बस्तर के सुदूर अंचलों तक पहुंचेगी विकास की रोशनी, 43 निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
40–45 डिग्री की गर्मी में उमड़ रहा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने कहा – जनता का यह विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत
बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात, कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं
सुशासन तिहार के समाधान शिविर में योजनाओं की जमीनी हकीकत से हुए रूबरू
रायपुर, /सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 44-45 डिग्री की भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि जनता का सरकार पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह जनसहभागिता सुशासन की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता के बीच जाकर सुनना और समाधान करना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर यह जानना है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। रायपुर में बैठकर जमीनी हकीकत का आकलन नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा और इस दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े कनेरा का यह शिविर प्रदेश का 19वां जिला स्तरीय समाधान शिविर है, जहां लोगों का उत्साह और सहभागिता उल्लेखनीय रही।
कोंडागांव को मिली 152 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात सड़क, सिंचाई और अधोसंरचना परियोजनाओं से बदलेगी जनजातीय अंचल की तस्वीर
छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग में बुनियादी सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने जिले को 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाले 43 महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात दी।
इन कार्यों में जनता को त्वरित लाभ पहुंचाने वाले 96 करोड़ 30 लाख 63 हजार रुपये की लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 55 करोड़ 88 लाख 21 हजार रुपये की लागत के 29 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात
समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं से सड़क, पर्यटन, सामाजिक अधोसंरचना और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। इसके साथ ही केशकाल–बांसकोट–माकड़ी–एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबे मार्ग के मजबूतीकरण कार्य को मंजूरी दी गई।
उन्होंने बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की घोषणा की।
स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन का निर्माण कराया जाएगा। वहीं कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन तथा केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।
बड़े कनेरा बना जागरूकता और नवाचार का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े कनेरा एक जागरूक गांव के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री चमन लाल और पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी श्री आनंद कुमार पवार से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस घर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बना है, उसी घर में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल भी स्थापित किया गया है। इससे बिजली बिल शून्य हो गया है और परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे हुए पूरे
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में हमने “मोदी की गारंटी” के नाम से जो वादे किए थे, उनमें से अधिकांश को मात्र ढाई वर्षों के भीतर पूरा कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे 18 लाख गरीब परिवारों के लिए सरकार ने सत्ता संभालते ही आवास स्वीकृत किए। आज छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है और इस मामले में राज्य देश में अग्रणी स्थान पर है।
किसानों, माताओं और बहनों के लिए कई बड़ी पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही दो वर्षों का लंबित बोनस भी किसानों को प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। आने वाले समय में 10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनवासियों को मिला बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से गांव में मिल रही 400 से अधिक सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को अपनी आवश्यक सेवाओं के लिए शहरों या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से 400 से अधिक सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इन केंद्रों में बैंकिंग सेवाएं, प्रमाण पत्र, भुगतान सेवाएं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। आने वाले समय में मोबाइल एप के माध्यम से भी लोग घर बैठे आवेदन और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।
जून से शुरू होगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जून माह से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित होगी और तय अवधि में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
बिजली बिल समाधान योजना से मिल रही राहत
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान बढ़े बिजली बिलों से राहत देने के लिए सरकार ने विशेष योजना शुरू की है। इसके तहत बकाया राशि में छूट और आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। प्रदेश में लगभग 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है।
हर घर सोलर की दिशा में बढ़ रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हर घर जल, हर घर बिजली, हर घर शौचालय और हर घर बैंक खाता अभियान सफल हुए हैं, उसी प्रकार अब हर घर सोलर लगाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लाखों परिवारों को सब्सिडी प्रदान कर रही हैं, जिससे लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास और सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसी उद्देश्य से सुशासन तिहार के माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंच रहा है।
इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।




