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स्कूल प्रवेश उत्सव के दिन बदहाल दिखी व्यवस्थाएं, बच्चों के हाथों में थमाई गई झाड़ू शौचालयों में गंदगी, पेयजल संकट और अव्यवस्थाओं ने खोली दावों की पोल

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ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया

थानखम्हरिया। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ मंगलवार को नगर के विभिन्न विद्यालयों में स्कूल प्रवेश उत्सव मनाया गया। जहां एक ओर विद्यार्थियों के स्वागत और नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं दूसरी ओर कई विद्यालयों में अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिला। जिस दिन बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया जाना था, उसी दिन कुछ स्थानों पर विद्यार्थियों के हाथों में झाड़ू थमा दी गई और सफाई कराई गई।

नगर के आत्मानंद विद्यालय, भारत माता कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किए जाने पर कई गंभीर कमियां सामने आईं। विद्यालय परिसरों और शौचालयों में गंदगी फैली हुई थी। कुछ स्थानों पर शौचालयों में खाली शराब की बोतलें, गोबर तथा कचरा पड़ा मिला, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।

स्कूल प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यालय विकास समितियों द्वारा औपचारिकताएं पूरी करते हुए केवल फोटो खिंचवाने तक कार्यक्रम सीमित रहने की चर्चा भी सामने आई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालयों की मूलभूत समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी अपेक्षा से कम रही। जहां हजारों विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज है, वहां कई स्कूलों में मात्र 35 से 40 विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालयों में व्याप्त कमियों और अव्यवस्थाओं के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को पूर्व में भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

भारत माता कन्या विद्यालय सहित कुछ अन्य विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था भी चिंताजनक स्थिति में बताई गई। विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं है। वहीं शौचालयों की दुर्दशा बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विद्यालयों की स्वच्छता एवं रखरखाव के लिए शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली राशि का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।

इस संबंध में जब जिला शिक्षा अधिकारी के. चतुर्वेदी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। संबंधित प्राचार्यों से चर्चा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा।

अब देखना होगा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ सामने आई इन समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो पाता है।

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