ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया।
गौवंश तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा पुलिस ने मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी मनीष शुक्ला (46 वर्ष), निवासी खैरा ने 12 जून 2026 को थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम चौरेंगा से पिकअप वाहनों में भैंसों को भरकर कत्लखाने ले जाने की सूचना मिलने पर गौसेवकों के साथ सिमगा से बेरला मार्ग पर नाकेबंदी की गई। इस दौरान ग्राम कठिया के पास पिकअप वाहन क्रमांक CG 04 QV 9645 को रोककर जांच की गई।
जांच में वाहन में चार बड़े भैंसों को बिना चारा-पानी के अत्यंत अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था। वाहन चालक ने अपना नाम लक्ष्मण साहू (25 वर्ष), निवासी ग्राम भड़हा, थाना खरोरा, जिला रायपुर बताया। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने पर पुलिस ने वाहन सहित चारों भैंसों को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया।
प्रकरण की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू (आईपीएस) के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव एवं एसडीओपी भूषण एक्का के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सोनल ग्वाला के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर विवेचना की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने चार भैंस (कीमत लगभग 40 हजार रुपये), घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन (कीमत लगभग 9 लाख रुपये) एवं एक मोबाइल फोन (कीमत लगभग 10 हजार रुपये) सहित कुल 9 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की।
मामले में चालक लक्ष्मण साहू को 13 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया था। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर छबि वासुदेव (29 वर्ष), निवासी ग्राम चौरेंगा, थाना सिमगा, जिला बलौदाबाजार को 25 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सोनल ग्वाला, उपनिरीक्षक भानु प्रताप पटेल, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार कश्यप, आरक्षक सौरभ सिंह, थाना स्टाफ एवं गौसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



