जगदलपुर में एक अनोखी शादी देखने को मिली। दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद युवक से उसकी प्रेमिका ने कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जेल परिसर में सात फेरे लिए। अलग-अलग जाति के कारण परिवारों के विरोध के बीच अदालत के फैसले से दोनों विवाह बंधन में बंध गए।
प्यार पर जाति की दीवार खड़ी हुई, प्रेमी जेल पहुंचा और उस पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हो गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। प्रेमिका ने हार नहीं मानी, अदालत का दरवाजा खटखटाया और आखिरकार कोर्ट के आदेश पर जेल की सलाखों के बीच दोनों ने सात फेरे लेकर अपने रिश्ते को नया नाम दे दिया।
युवक के जेल जाने के बाद युवती ने अपने प्यार को बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां दोनों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने जेल में ही दोनों की शादी कराने का फैसला किया। आदेशानुसार, शुक्रवार को जेल परिसर में दोनों परिवार की मौजूदगी में दोनों विवाह के बंधन में बंध गए और सातों जन्म साथ रहने का फैसला कर लिया।
बता दें कि परपा थाना क्षेत्र के राजूर गांव में रहने वाले सुरेश सेठिया और पास के ही गांव में रहने वाली युवती का एक-दूसरे से लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब इस बात की जानकारी दोनों परिवारों को लगी तो परिवार के लोगों ने युवक के समाज के बारे में जानकारी ली। दोनों अलग-अलग जाति से होने के कारण लड़की पक्ष के परिजनों ने इस रिश्ते को करने से इंकार कर दिया। साथ ही युवक के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने युवक के खिलाफ मिले शिकायत के आधार पर 376 का मामला दर्ज कर सुरेश को केंद्रीय जेल जगदलपुर भेज दिया। युवक के जेल जाते ही प्रेमिका ने अपने प्रेमी सुरेश को बचाने के लिए परिवार के लोगों से लड़कर अदालत का दरवाजा खटखटाया, जहां युवती ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए बताया कि दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और शादी भी करना चाहते हैं। युवती की बात सुनने के बाद अदालत ने पुलिस और जेल प्रशासन को निर्देश देते हुए दोनों की शादी कराने का आदेश दिए।




