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सतर्कता, समय पर जांच और टीकाकरण से हेपेटाइटिस की रोकथाम संभव : डॉ. लोकेश साहू

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विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर स्वास्थ्य विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान

ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया

थान खम्हरिया,

विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय बेमेतरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हेपेटाइटिस की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार एवं टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ सहित हितग्राहियों का हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. लोकेश साहू ने की।

इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस की थीम “हेपेटाइटिस : आओ इसे खत्म करें” के अनुरूप विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार और नियमित टीकाकरण से हेपेटाइटिस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम संभव है।

सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू ने कहा कि बरसात के मौसम में दूषित भोजन एवं पानी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने नागरिकों से फल एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करने, स्वच्छ पानी पीने, भोजन को अच्छी तरह पकाकर खाने तथा खुले एवं दूषित खाद्य पदार्थों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित जीवनशैली ही संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

विशेषज्ञों ने बताया कि हेपेटाइटिस-बी के प्रमुख लक्षणों में बुखार, त्वचा पर चकत्ते, भूख कम लगना, अत्यधिक थकान, जोड़ों में दर्द तथा अवसाद शामिल हैं। वहीं हेपेटाइटिस-सी में लगातार थकान, अनिद्रा, पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली एवं गहरे रंग का मूत्र जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में सुरक्षित रक्त के उपयोग, एक बार उपयोग होने वाले रेजर ब्लेड एवं इंजेक्शन का प्रयोग, व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं साझा नहीं करने, असुरक्षित यौन संबंधों से बचने तथा घावों को सुरक्षित ढंककर रखने की जानकारी दी गई। साथ ही नवजात शिशुओं को जन्म के तुरंत बाद निर्धारित समय में हेपेटाइटिस-बी का टीका लगाने, सभी गर्भवती महिलाओं की हेपेटाइटिस-बी जांच कराने तथा संक्रमित माता से जन्म लेने वाले शिशुओं को आवश्यक इम्यूनोग्लोब्युलिन एवं टीकाकरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, एएनएम, मितानिनों एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्य कर्मियों को हेपेटाइटिस के साथ-साथ मौसमी बीमारियों की रोकथाम, उपचार एवं जनजागरूकता संबंधी जानकारी भी दी गई। जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर ग्रामीण एवं शहरी नागरिकों को स्वच्छता, सुरक्षित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े, जिला नोडल अधिकारी डॉ. अस्मिता श्रीवास्तव, मेडिसिन विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ, अस्पताल प्रबंधक डॉ. स्वाति यदु, लैब इंचार्ज श्रीमती गीतांजलि बेहरा, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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