ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया
थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा बेमेतरा में करोड़ों रुपये की बैंक धोखाधड़ी के बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी विनीत दास को तमिलनाडु के तंजावुर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाकर न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 में इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा बेमेतरा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध बैंक के नियमों का उल्लंघन कर वित्तीय अनियमितता, फर्जी बैंकिंग दस्तावेज तैयार करने, खातों में अवैध रूप से राशि अंतरण करने तथा लगभग 14 करोड़ 56 लाख 9 हजार 693 रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत दर्ज हुई थी। क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना सिटी कोतवाली में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409, 120-बी एवं 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने पूर्व में कमलेश सिन्हा, जोहन सिंह वर्मा, नागेश कुमार वर्मा एवं टीकाराम माथुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मामले के मुख्य आरोपी तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास की लगातार तलाश की जा रही थी।
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य (आईपीएस) के सतत मॉनिटरिंग तथा पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (आईपीएस) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव एवं एसडीओपी भूषण एक्का के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं लगातार पतासाजी के आधार पर आरोपी को 29 जुलाई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक के तंजावुर (तमिलनाडु) स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से गिरफ्तार किया।

जांच में बैंक की आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इनमें फर्जी एवं बंद इकाइयों को ऋण स्वीकृत करना, बिना पात्रता जांच के अधिक ऋण देना, ग्राहक की जानकारी के बिना खातों से राशि का अंतरण, फर्जी जीएसटी नंबर वाले सप्लायरों को भुगतान, केसीसी एवं एसएचजी ऋणों में नियमों का उल्लंघन, बिना वैध दस्तावेजों के ऋण स्वीकृत करना तथा बैंक की निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी करना शामिल है। जांच में यह भी पाया गया कि बिचौलियों के माध्यम से कई ऋण प्रकरणों में बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी विनीत दास ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए बैंक के सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया, जिससे बैंक को 14.56 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक सोनल ग्वाला, उपनिरीक्षक जितेन्द्र कश्यप, आरक्षक पुरुषोत्तम कुंभकार सहित थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा की पूरी टीम की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।




