भाटापारा – स्थानीय मयूर विद्यालय में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में सम्मान समारोह का आयोजन उल्लास पूर्वक किया गया।
मां सरस्वती की प्रतिमा की पूजा-अर्चना, माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
नगर के प्रसिद्ध धर्माचार्य एवं भागवत गीता के प्रवचन कर्ता श्रद्धेय पंडित झम्मन प्रसाद जी शास्त्री एवं नगर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद बलदेव जी भारती एवं संस्था के प्राचार्य श्री नंदलाल बाजपेई जी का विद्यार्थियों द्वारा करतल ध्वनि से स्वागत करते हुए मंच तक ले जाया गया। संचालन समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में श्री अशोक बाजपेई (अध्यक्ष) श्री रविंद्र जैन (उपाध्यक्ष) श्री श्रवण अग्रवाल (सचिव) श्री विजयमल (कोषाध्यक्ष) एवं वरिष्ठ सदस्य श्री अखिलेश जिंदाणी ने अतिथियों का श्रीफल, पुष्प गुच्छ भेंट कर व शाल ओढ़ाकर सम्मान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथि श्री शास्त्री जी ने छात्रों को संस्कारवान, संस्कृतिवान बनने गुरुजनों पर आस्था व उनके बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए विद्यार्जन करने, गुरु जो कहे उसे परमात्मा की आज्ञा मानकर स्वीकार करने की प्रेरणा दी। शिक्षाविद श्री भारती जी ने भी विद्यार्थियों को मोबाइल एवं सोशल मीडिया से दूर रहने, समय के साथ चलने, कर्तव्य पथ में अपनी पहचान बनाने पर जोर दिया । आगे उन्होंने कहा कि आपके जीवन के मूल्यवान 15 वर्ष समाप्त हो गए हैं, समय कम है, ऐसे में सन्मार्ग पर चलते हुए विकसित भारत की सेवा में यदि अपना योगदान दे सको तो सोने में सुहागा होगा, इसके लिए उन्हें शुभकामनाएं दी । अध्यक्ष श्री अशोक बाजपेई जी ने कहा कि जीवन में ऐसे बहुमूल्य क्षण बहुत कम उपलब्ध होते हैं जब आपको ऐसे श्रेष्ठ धर्माचार्य और ज्ञानप्रवर शिक्षाविदों का सानिध्य प्राप्त होता है । अतः तुम्हें गुरुओं का सम्मान करते हुए शिक्षार्जन करना चाहिए। उपाध्यक्ष श्री रविंद्र जैन जी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि गुरु ही परब्रह्म है इसके असीम गुणों का वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता इसलिए गुरु की शरण में विनम्र भाव से ज्ञान ग्रहण करें और स्वयं व देश का विकास करें। राह भूले को सन्मार्ग दिखाने वाला एवं धर्म की राह बताने वाला गुरु ही होता है।
संस्था की शिक्षिकाओं ने गुरु के महत्व पर अपने विचार प्रकट किये सुश्री विमला राव, श्री पूर्णा तिवारी ने छात्रों को गुरु के शरण एवं सानिध्य को राज मार्ग बताते हुए गुरु के प्रति बहुमान गुरु पूर्णिमा को ही नहीं अपितु सदैव होने की बात करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।
समिति द्वारा विद्यालय के सभी शिक्षकों को रोली गुलाल लगाकर सम्मान स्वरूप उपहार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती श्रीपूर्णा तिवारी द्वारा एवं प्राचार्य द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। अंत में स्वल्पाहार का आयोजन किया गया एवं मिष्ठान वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




