600 साल से भी अधिक पुराने रायपुर के नरहरेश्वर महादेव का धार्मिक महत्व काफी दिलचस्प है। मान्यता है कि यह स्वयंभू महादेव मंदिर है। यहां महादेव के दशर्न मात्र से भक्त की सारी मनोकामनायें पूरी होती हैं। श्रद्दालु जिस भी श्रद्दा भाव से यहां आता है, वह खाली हाथ नहीं जाता।
छत्तीसगढ़ जिस तरह से अपनी आदिवासी संस्कृति,कला और एतिहासिक समृद्धि के लिये फेमस है। उसी तरह धार्मिक महत्व के लिए भी प्रख्यात है। आज तीन अगस्त को पहला सावन सोमवार है। ऐसे में शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। इसी कड़ी में अमर उजाला ‘छत्तीसगढ़ के शिवालय’ सीरीज के तहत प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों की एतिहासिक महत्ता पर खबर अपने पाठकों तक पहुंचा रहा है। आज हम बात कर रहे हैं रायपुर के नरहरेश्वर महादेव मंदिर की। 600 साल से भी अधिक पुराने रायपुर के नरहरेश्वर महादेव का धार्मिक महत्व काफी दिलचस्प है।




