ब्यूरो चीफ: अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया। गुजरात के भरूच में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे में दिवंगत साजा नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी कैलाशचंद चांडक (सुपुत्र स्व. पुरुषोत्तमदास चांडक) की अंतिम यात्रा बुधवार को उनके निज निवास से गमगीन माहौल में निकली। अंतिम यात्रा में नगर के जनप्रतिनिधियों, समाजजनों, व्यापारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार के दौरान उनकी दत्तक पुत्री डॉ. मानसी चांडक ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। साजा नगर में यह अपनी तरह की पहली घटना रही, जिसने बेटी और पिता के अटूट रिश्ते को नई पहचान देने के साथ समाज को समानता और बेटियों के सम्मान का सशक्त संदेश दिया। यह भावुक क्षण देख मुक्तिधाम में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
मुक्तिधाम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में साजा क्षेत्र के पूर्व विधायक लाभचंद बाफना ने स्वर्गीय कैलाशचंद चांडक के सामाजिक, धार्मिक एवं मानवीय योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। माहेश्वरी पंचायत साजा के अध्यक्ष रमेशकुमार राठी ने भी दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
श्रद्धांजलि सभा के बाद दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। अंतिम यात्रा एवं अंतिम संस्कार में नगर के गणमान्य नागरिकों, समाजजनों, व्यापारियों तथा बड़ी संख्या में नगरवासियों की उपस्थिति ने स्वर्गीय कैलाशचंद चांडक के प्रति लोगों के सम्मान, आत्मीयता और स्नेह को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।




