ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थान खमरिया। परम पूज्य गुरुदेव संतोषी लाल पाराशर महाराज ने भगवान के नाम-जप एवं गुरु मंत्र की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि निरंतर मंत्र जाप से मन शांत होता है और परमात्मा से सीधा संबंध स्थापित होता है। गुरु द्वारा प्रदान किया गया मंत्र ऐसा दिव्य बीज है, जो साधक के जीवन में ज्ञान, शांति और आनंद का प्रकाश फैलाता है।
महाराज श्री ने कहा कि मंत्र का जितनी श्रद्धा और भावपूर्वक, उसके अर्थ को समझते हुए जप किया जाएगा, उतना ही अधिक आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होगा। यदि गुरु एवं संतों के उपदेशों को जीवन में धारण कर लिया जाए, तो संसार रूपी सागर से पार होना कठिन नहीं, बल्कि सहज हो जाता है।
उन्होंने कहा कि मंत्र दीक्षा का वास्तविक अर्थ आत्मा का परमात्मा रूपी “पावर हाउस” से जुड़ जाना है। ईश्वर ने मनुष्य जन्म देकर कृपा की है और गुरु ने मंत्र दीक्षा देकर जीवन का अमूल्य मार्ग प्रदान किया है। इसके बाद साधक का दायित्व है कि वह गुरु मंत्र का नियमित जप करे। महाराज श्री ने बताया कि पुण्य स्वर्ग की ओर ले जाता है, पाप नरक की ओर, किंतु भगवान के नाम से युक्त गुरु मंत्र साधक को भगवत प्राप्ति तक पहुंचाने की क्षमता रखता है। इसलिए गुरु मंत्र को कभी साधारण नहीं समझना चाहिए। श्रद्धा, प्रेम और नियमितता से किया गया मंत्र जाप अंततः साधक को परमात्मा के आनंद और दिव्य शांति में प्रतिष्ठित कर देता है।
यह आध्यात्मिक आयोजन श्री अशोक अग्रवाल के निवास पर संपन्न हुआ, जहां शिष्य परिवार ने गुरु द्वारा प्रदत्त मंत्र का एक घंटे तक सामूहिक जाप किया। इसके पश्चात आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
आयोजकों ने बताया कि यह आध्यात्मिक आयोजन आज भी सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक श्री अशोक अग्रवाल के निवास पर आयोजित होगा। शिष्य परिवार सहित सभी श्रद्धालुओं से सादर उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।
इस अवसर पर अनिल सिंघानिया, पुरुषोत्तम अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, चीकू अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, श्रीमती गीता अग्रवाल, कल्पना अग्रवाल एवं पिंकी अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।




