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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला एवं बाल कल्याणकारी योजनाओं एवं कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी

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बेमेतरा – कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के कुशल निर्देशन, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री व्योम श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिले के सभी 46 सेक्टरों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 27 जुलाई से 1 सितंबर 2026 तक संवेदीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज सेक्टर नवागांव कला एवं सेक्टर कन्हेरा के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ग्राम खाती स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न शाखाओं द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा विभागीय सेवाओं की विस्तृत जानकारी देना रहा, ताकि वे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद महिलाओं, बच्चों एवं पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से दिला सकें। कार्यशाला में सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती मीना शर्मा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बाल संरक्षण एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की दी गई जानकारी

जिला परियोजना समन्वयक श्री राजेंद्र चंद्रवंशी ने बाल अपराध रोकथाम एवं चाइल्ड हेल्पलाइन सेवाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो एक्ट एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बाल अपराध की स्थिति में तत्काल सूचना तंत्र सक्रिय करने पर जोर दिया।

उन्होंने बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों की पहचान कर समय पर रेस्क्यू एवं पुनर्वास से जोड़ने, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को चिन्हित कर पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा बच्चों और परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।

इसके साथ ही विषम परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए फॉस्टर केयर योजना की पात्रता एवं दिशा-निर्देशों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन की 24×7 आपातकालीन सुरक्षा, परामर्श एवं सहायता सेवाओं की कार्यप्रणाली से भी कार्यकर्ताओं को अवगत कराया गया।

महिला सशक्तिकरण एवं योजनाओं पर मार्गदर्शन

जेंडर विशेषज्ञ, मिशन शक्ति श्रीमती सेवंतिका साहू ने महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने मिशन शक्ति के विभिन्न घटकों तथा महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की।

उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), सक्षम ऋण योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं से कराया अवगत

कार्मिक वकील, सखी वन स्टॉप सेंटर श्रीमती रामेश्वरी साहू ने हिंसा एवं उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं के लिए उपलब्ध सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही छत के नीचे 24 घंटे आपातकालीन सहायता, निःशुल्क विधिक सहायता, पुलिस सहायता, चिकित्सकीय सुविधा, परामर्श एवं अस्थाई आश्रय जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जरूरतमंद महिलाओं को इन सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

वैध दत्तक ग्रहण एवं बाल न्याय व्यवस्था की दी जानकारी

जिला बाल संरक्षण इकाई की आउटरीच वर्कर श्रीमती अनीता सोनवानी ने दत्तक ग्रहण एवं विभागीय योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने अनाथ, लावारिस एवं समर्पित बच्चों के वैध दत्तक ग्रहण के लिए CARA की निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता बताई तथा अवैध दत्तक ग्रहण की रोकथाम पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने जिला बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया तथा बच्चों के सर्वोत्तम हित, संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए दोनों न्यायपीठों की भूमिका से कार्यकर्ताओं को अवगत कराया।

कार्यशाला के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभागीय योजनाओं एवं बाल एवं महिला संरक्षण से जुड़े प्रावधानों को जन-जन तक पहुंचाने तथा जरूरतमंद हितग्राहियों को समय पर शासकीय सेवाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

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