मामला वर्ष 2019 से 2021 के बीच एक ही परिवार के सदस्यों के खिलाफ दर्ज किए आठ आपराधिक मामलों से जुड़ा है। इन मामलों में एक ही परिवार के लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा, बाद के मामलों के शिकायतकर्ता भी पहले के शिकायतकर्ताओं से जुड़े हुए पाए गए थे। पुलिस ने याचिकाकर्ताओं को जेल से गिरफ्तार दिखाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी ने गहन जांच के बाद इन आठों अपराधों को पूरी तरह फर्जी करार दिया था।