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श्री भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर श्री सप्तदेव मंदिर में सजेगी भक्ति, साहित्य एवं संस्कृति की भव्य काव्य संध्या

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10 सितंबर को होगा अखिल भारतीय भव्य कवि सम्मेलन — देशभर के सुप्रसिद्ध कवि-कवयित्रियाँ अपनी रचनाओं से भक्तों एवं साहित्यप्रेमियों को करेंगे भाव-विभोर

श्री रानी सती दादी के चरणों में समर्पित होगी भावपूर्ण काव्यांजलि

कोरबा,  । धर्म, आस्था, संस्कृति एवं सामाजिक समरसता के प्रमुख केंद्र श्री सप्तदेव मंदिर, कोरबा में श्री भादी अमावस्या के पावन अवसर को लेकर तैयारियाँ प्रारंभ हो गई हैं। श्री भादी अमावस्या उत्सव की पूर्व संध्या पर गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को रात्रि 8:00 बजे से श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में अखिल भारतीय भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

श्री भादी अमावस्या का पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था से जुड़ा विशेष धार्मिक अवसर है। इस पावन पर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाली यह काव्य संध्या केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्ति, धर्म, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना का सुंदर संगम होगी। देश के विभिन्न राज्यों से पधार रहे सुप्रसिद्ध कवि-कवयित्रियाँ अपनी रचनाओं के माध्यम से मां श्री रानी सती दादी के श्रीचरणों में काव्यांजलि अर्पित करेंगे तथा उपस्थित श्रद्धालुओं एवं साहित्यप्रेमियों को अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से आध्यात्मिक एवं साहित्यिक आनंद प्रदान करेंगे।

भक्ति और साहित्य से सराबोर होगी पावन रात्रि

श्री सप्तदेव मंदिर का वातावरण वैसे भी वर्षभर धार्मिक आयोजनों, भक्ति-संगीत एवं आध्यात्मिक गतिविधियों से भक्तिमय बना रहता है। ऐसे पावन वातावरण में श्री भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर आयोजित यह भव्य कवि सम्मेलन निश्चित रूप से श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले रचनाकार अपनी विशिष्ट काव्य शैली के माध्यम से भक्ति एवं अध्यात्म, भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकारों, हास्य-व्यंग्य एवं जीवन के विविध रंगों को अपनी रचनाओं में प्रस्तुत करेंगे।

कहीं हास्य-व्यंग्य की फुहार श्रोताओं को गुदगुदाएगी, तो कहीं धर्म एवं भक्ति से ओत-प्रोत रचनाएँ वातावरण को आध्यात्मिक बना देंगी। राष्ट्रप्रेम और सामाजिक चेतना से जुड़ी रचनाएँ श्रोताओं में नई ऊर्जा एवं सकारात्मक भाव का संचार करेंगी।

देश के विभिन्न राज्यों से आएंगे सुप्रसिद्ध कवि-कवयित्री

इस अखिल भारतीय भव्य कवि सम्मेलन में अनेक प्रतिष्ठित कवि-कवयित्रियों की उपस्थिति रहेगी। इनमें प्रमुख रूप से—

अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की सांस्कृतिक समिति की संयोजिका एवं सुप्रसिद्ध कवयित्री सुश्री सोनल जैन, सूरत (गुजरात),

इंजीनियर विनोद नयन, जबलपुर (मध्यप्रदेश),

श्री जयकुमार जय, भरतपुर (राजस्थान),

श्री विमल सोनी, सूरत (गुजरात),

श्री बृजकिशोर पटेल, इटारसी (मध्यप्रदेश)

तथा

कार्यक्रम की संयोजिका एवं कोरबा की सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. अंजना सिंह ठाकुर, कोरबा (छत्तीसगढ़)

अपनी विशिष्ट एवं भावपूर्ण काव्य प्रस्तुतियाँ देंगे।

इन सभी रचनाकारों की अपनी अलग पहचान एवं विशिष्ट काव्य शैली है। उनकी रचनाओं में हास्य-व्यंग्य के साथ-साथ धर्म, अध्यात्म, राष्ट्र, समाज एवं मानवीय संवेदनाओं की झलक देखने को मिलेगी। इस कारण यह कवि सम्मेलन सभी आयु वर्ग के श्रोताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।

श्री रानी सती दादी की भक्ति एवं आस्था से जुड़ा विशेष अवसर

श्री भादी अमावस्या का पर्व श्री रानी सती दादी के भक्तों के लिए विशेष श्रद्धा एवं आस्था का पर्व है। इस अवसर पर देशभर में दादी भक्त विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। श्री सप्तदेव मंदिर में भी इस पावन अवसर को धार्मिक श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाने की परंपरा रही है।

भादी अमावस्या के मुख्य उत्सव से एक दिन पूर्व आयोजित यह भव्य कवि सम्मेलन भक्तों के लिए भक्ति के साथ साहित्य एवं संस्कृति का आनंद लेने का विशेष अवसर होगा। मंदिर परिसर में होने वाली यह काव्य संध्या दादी भक्तों के लिए एक अनूठा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगी।

धर्म, संस्कृति और साहित्य को जोड़ने का अभिनव प्रयास

आयोजकों का मानना है कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी परंपराओं, हमारी भाषा, साहित्य और सामाजिक मूल्यों को जीवंत बनाए रखने का माध्यम भी है। इसी भावना के साथ श्री सप्तदेव मंदिर में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ समय-समय पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता रहा है।

अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी इसी परंपरा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले रचनाकारों को एक मंच पर लाकर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, धर्म, राष्ट्र एवं समाज के प्रति सकारात्मक भावनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से परिवार सहित उपस्थित होने का आग्रह

छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन एवं कृष्णा ग्रुप ने कोरबा सहित आसपास के सभी नगरवासियों, दादी भक्तों, श्रद्धालुओं, साहित्यप्रेमियों एवं संस्कृति अनुरागियों से आग्रह किया है कि वे 10 सितंबर की रात्रि 8:00 बजे श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में अपने परिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हों।

आयोजकों ने कहा कि यह अवसर केवल कविताओं को सुनने का नहीं, बल्कि भक्ति के वातावरण में बैठकर धर्म, संस्कृति, साहित्य एवं राष्ट्रभाव से जुड़ी उत्कृष्ट रचनाओं का आनंद लेने का अवसर है। अतः सभी श्रद्धालु इस पावन एवं भव्य आयोजन में सहभागी बनकर कवियों का उत्साहवर्धन करें तथा इस अविस्मरणीय काव्य संध्या के साक्षी बनें।

श्री भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में जब देश के विभिन्न अंचलों से आए सुप्रसिद्ध कवियों की वाणी गूंजेगी, तब भक्ति और कविता, आस्था और संस्कृति तथा धर्म और साहित्य का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह भव्य कवि सम्मेलन कोरबा के सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला में एक विशेष एवं यादगार आयोजन के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

स्थान : श्री सप्तदेव मंदिर परिसर, कोरबा
दिनांक : 10 सितंबर 2026, गुरुवार
समय : रात्रि 8:00 बजे से

“आइए, मां श्री रानी सती दादी के श्रीचरणों में भक्ति और काव्य की भावपूर्ण अर्पण करें तथा इस दिव्य काव्य संध्या को अपनी उपस्थिति से भव्य बनाएं।”

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