ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खमरिया, । साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक एवं सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तीसरे सप्ताह 30 अगस्त से 5 सितंबर तक विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं ग्रामीणों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
प्रदेश स्तरीय अभियान का शुभारंभ राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इसके बाद अभियान को प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक बेमेतरा त्रिलोक बंसल (भापुसे) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का एवं एसडीओपी बेरला रूचि वर्मा के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। थाना खम्हरिया पुलिस द्वारा थान खम्हरिया, ग्राम गातापार एवं कोपेडबरी सहित अन्य स्थानों पर ग्रामीणों एवं वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अक्सर स्वयं को पुलिस, CBI, ED अथवा अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन या वीडियो कॉल करते हैं। गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स पार्सल या किसी अन्य अपराध में नाम आने का भय दिखाकर लोगों को मानसिक दबाव में लिया जाता है और फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर पैसों की मांग की जाती है। ऐसे किसी भी कॉल से घबराने के बजाय सतर्क रहने और तत्काल पुलिस को सूचना देने की समझाइश दी गई।
पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों एवं ग्रामीणों को OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक खाता विवरण, UPI PIN, पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने की सलाह दी। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयर नहीं करने तथा किसी खाते में राशि ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करने की समझाइश दी गई। किसी परिचित या दोस्त के नाम से पैसे मांगे जाने पर पहले फोन कर व्यक्तिगत रूप से पुष्टि करने की सलाह भी दी गई।
पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिस अथवा किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डराता-धमकाता है या पैसों की मांग करता है, तो उसकी बातों में न आएं और तत्काल पुलिस को सूचना दें।
साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें, ताकि ठगी गई राशि को रोकने एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए समय रहते प्रयास किया जा सके।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की कि “मैं जागरूक हूं, आप भी जागरूक बनें” की भावना के साथ साइबर जागृति अभियान से जुड़ें और साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। पुलिस ने कहा कि साइबर सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है और सावधानी ही सुरक्षा है।
अभियान के दौरान विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।




