राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू करने को प्रतिबद्ध सरकार
5वें सेमेस्टर में अटके छात्रों को मिली बड़ी राहत, अध्यादेश में होगा संशोधन
रायपुर, / प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत पढ़ रहे हजारों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहद संवेदनशील और बड़ा निर्णय लिया है। प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक-दो प्रश्नपत्रों (पेपर्स) में असफल होने के कारण 5वें सेमेस्टर में प्रवेश से वंचित हो रहे छात्रों को अब सरकार ने बड़ी राहत देते हुए अंतरिम (Provisional) प्रवेश देने की घोषणा की है। इस फैसले से हजारों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष (Academic Year) खराब होने से बच जाएगा। मामले की गंभीरता और युवाओं के हित को सर्वाेपरि रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि NEP के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी व्यावहारिक अड़चन को दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पबद्ध है।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग और हमारी सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। राज्य में नई शिक्षा नीति (NEP)को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए हम पूरी तरह कटिबद्ध हैं। इसे लागू करने की प्रक्रिया में यदि कोई भी व्यावहारिक समस्या या व्यवधान उत्पन्न होता है, तो युवाओं के स्वर्णिम भविष्य और उनके सर्वांगीण उत्थान को ध्यान में रखकर उसका त्वरित समाधान निकाला जाएगा। इसी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि जो छात्र प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक या दो पेपर्स में अनुत्तीर्ण होने की वजह से 5 वें सेमेस्टर में दाखिला नहीं ले पा रहे थे, उन्हें अब 5 वें सेमेस्टर में अनंतिम रूप से प्रवेश दिया जाएगा। छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए संबंधित अध्यादेश में समय रहते आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। सरकार प्रदेश के सभी युवाओं के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती है।




