रायपुर। राजा तालाब स्थित श्री रानी सती मंदिर में 50वें भादों अमावस्या मेले का शुभारंभ आज 10 सितंबर 2026 को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के वातावरण में हुआ। दादी जी के पावन दरबार में सुबह से ही भक्तों का आगमन प्रारंभ हो गया था। दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों और शाम से देर रात तक चली भजन संध्या से संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर रहा।
प्रथम दिवस प्रातः 10:30 बजे दादी जी का पंचामृत स्नान एवं ध्यान विधि-विधानपूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर दादी जी के विग्रह के दोनों हाथों एवं चरणों में सुरंगी मेहंदी लगाई गई। तत्पश्चात जजमानों की उपस्थिति में विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ दादी जी को घाघरा, चुनरी एवं नथ धारण कराकर मनोहारी श्रृंगार किया गया।
सायं 7:00 बजे दादी जी के नयनाभिराम श्रृंगार दर्शन के लिए मंदिर के पट खोले गए। दादी जी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर दादी जी के जयघोष से गूंज उठा और भक्तों ने भाव-विभोर होकर दादी जी के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सायं 8:30 बजे मुख्य जजमान द्वारा षोडश मातृका पूजन एवं ज्योति प्रज्वलन किया गया। इसके पश्चात मंदिर प्रांगण में विराजमान भगवान श्री गणेश, भगवान शिव, श्री हनुमान जी एवं पितृ देवताओं का विधिवत आह्वान एवं पूजन किया गया।

ज्योति प्रज्वलन के साथ ही भक्ति की ऐसी धारा प्रवाहित हुई कि पूरा मंदिर परिसर दादी जी के जयकारों एवं भजनों से गूंज उठा। कोलकाता एवं अयोध्या से पधारे सुप्रसिद्ध भजन कलाकारों ने अपनी सुमधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति रस में डुबोए रखा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री किशोर डोलिया ने बताया कि भजन संध्या में सुप्रसिद्ध भजन गायक अभिषेक गर्ग एवं नामिश राजगढ़िया (कोलकाता) तथा पप्पू सांवरिया एवं स्मृति कक्कड़ (अयोध्या) ने दादी जी के चरणों में एक से बढ़कर एक भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी।
“आओ आओ गजानंद आओ”, “वीर हनुमाना अति बलवाना”, “बैठी झुंझुनूं में लगाके दरबार”, “मुझे नौकर रख ले झुंझुनूं धाम में”, “मेरा भोला है भंडारी”, “दादी ने बुलाया है”, “गोविंद तेरी दया से” एवं “तेरा सिंहासन क्यों हिल रहा है” जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भक्तगण भजनों पर झूमते हुए दादी जी की भक्ति में लीन हो गए और पूरा मंदिर परिसर जय श्री दादी, जय दादी की के जयघोष से गुंजायमान रहा।
मंदिर समिति के प्रचार-प्रसार प्रभारी श्री कैलाश अग्रवाल ने बताया कि रात्रि 1:00 बजे दादी जी को छप्पन भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसके पश्चात रात्रि 1:30 बजे से प्रभाती आरती तक भजन उत्सव निरंतर चलता रहा। प्रातः 4:00 बजे प्रभाती आरती के साथ प्रथम दिवस के आयोजन का भक्तिमय समापन हुआ।
रातभर मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने दादी जी के भजनों के माध्यम से अपने मन की भावनाएं उनके चरणों में अर्पित कीं। भक्तों का कहना था कि दादी जी के दरबार में पहुंचकर उन्हें ऐसा अनुभव हुआ मानो स्वयं दादी माँ अपने भक्तों के बीच विराजमान होकर सब पर अपनी कृपा एवं आशीर्वाद बरसा रही हों।
50वें भादों अमावस्या मेले के प्रथम दिवस ने श्रद्धा और भक्ति की ऐसी अमिट छाप छोड़ी, जिसमें हर भक्त के हृदय में एक ही भाव था—
“दादी जी के दरबार में जो आता है, दादी माँ उसे कभी खाली नहीं लौटातीं।”
समिति के कैलाश अग्रवाल ने बताया कि
11 सितंबर 2026, शुक्रवार को प्रातः 7:00 बजे जात-धोक पूजा, दोपहर 2:00 बजे से दादी जी का मंगल पाठ होगा। संध्या 5:00 बजे से भजन संध्या एवं मेले का आयोजन होगा, जिसमें कोलकाता के सुप्रसिद्ध भजन गायक पंकज भाई जोशी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। रात्रि 9:30 बजे छप्पन भोग प्रसाद वितरण एवं भव्य महाआरती होगी।



