Home छत्तीसगढ़ दुसरे दिन भी शिवनाथ का विकराल रूप कायम रहा

दुसरे दिन भी शिवनाथ का विकराल रूप कायम रहा

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भाटापारा बिलासपुर मार्ग ठप्प, लोगो को घुमकर जाना पड़ रहा है गंतव्य की ओर

भाटापारा। गत दिनों हुई भारी बारिश व विभिन्न जलाशय से छोड़े गये भारी मात्रा में जल के कारण भाटापारा क्षेत्र में बहने वाली शिवनाथ नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। दुसरे दिन भी शिवनाथ नदी का बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। लगभग 55 वर्ष पुराने सेमरिया घाट पुल जो कि भाटापारा व बिलासपुर का सीधा सड़क संपर्क वाला पुल से दिन रविवार को शाम 6 बजे तक लगभग 15 फीट ऊपर पानी का बहाव जारी था। शिवनाथ के तांडव से आस पास के

तमाम गांव व नदी तटीय क्षेत्र में लोग बड़ी तादाद में बाढ़ से प्रभावित हुए है। सेमरिया घाट दतरेंगी, कुम्हरखान सहित कुलीपोटा व अनेक गांव की धान की खेत पुरी तरीके से पानी में डुबा हुआ है। शिवनाथ के रौद्र रूप का आलम यह है कि सेमरिया घाट पुल के दोनो तरफ लगभग एक – एक कि लोमीटर सड़क क्षेत्र में जल भराव हो गया है। फलस्वरूप सेमरिया से दतरेंगी मार्ग भी अवरूद्ध हो गया है। इस मार्ग पर दोनो छोर पर सैकड़ो खेत खलिहान जलमग्न हो गये है। और उक्त सड़क पर लगभग 7 फीट से ऊपर पानी का बहाव हो रहा है। नदी के रौद्र रूप का आलम यह है कि वह चारो तरफ पानी का प्रसार करके अधिकांश खेत खलिहानों तक बह रही है। इधर प्रशासन द्वारा एहतियात बरतते हुए सेमरिया घाट पुल के पास बेरीकेट्स के साथ ट्रैफिक पुलिस को तैनात कर दिया गया है। वहीं बाढ़ के बीच नदियों के जल में मछली पकड़कर अपना जीवन-यापन करने वाले नाविक अपने दर्जन भर से अधिक नाव को नदी से दुर खेत के पास सुरक्षित बांधकर रखे हुए है। लेकिन वहां पर भी नदी का पानी पहुंचने लगा है। इस बीच अनेक लोग बड़ी बड़ी मुर्तिया गणेश जी की लेकर विसर्जन करने पहुंचे तब उन्हें ज्ञात हुआ कि बाढ़ की विभिषिका में वे मूर्ति विसर्जन नही कर पायेंगे। ऐसी स्थिति में लोगों ने नाविको का सहारा लेकर खेत खलिहान में भरे जल में ही मूर्ति का विसर्जन किया। बाढ़ के पानी को देखने भारी तादाद में शहर से नागरिक युवा, महिला व बच्चे पहुंच रहे है। बहरहाल लगातार दूसरे दिन सेमरिया घाट पुल पर बाढ़ का पानी बढ़ने से भारी तादाद में शहर से नागरीक युवा,


महिला व बच्चे पहुंच रहे है। बहरहाल लगातार दुसरे दिन सेमरिया घाट पुल पर बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण भाटापारा से बिलासपुर की ओर सड़क संपर्क मार्ग पुरी तरह टुट गया है। तमाम यात्री बसो, टैम्पो, टैक्सी, ई – रिक्शा व मालवाहक सभी वाहनों को 30 किलोमीटर अतिरिक्त घुमकर रोहरा, लिमतरा, नांदघाट के उच्च स्तरीय पुल से होकर नारायणपुर, बैतलपुर, सरगांव बिलासपुर की ओर आना जाना पड़ रहा है। इस घुमावदार रास्ते के कारण यात्री बस के संचालको को अतिरिक्त डीजल व पेट्रोल जलाना पड़ रहा है। वहीं यात्रियों को अतिरिक्त व्ययभार करके गंतव्य की ओर आना जाना पड़ रहा है।

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