ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया। महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में नन्हे बालक लव बिंदल, पिता वैभव बिंदल एवं रश्मि बिंदल द्वारा कांतारा की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी ने उपस्थित दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और खूब प्रशंसा बटोरी।

कांतारा की झांकी कर्नाटक की प्राचीन लोककथाओं, परंपराओं और देवी-देवताओं से जुड़ी मान्यताओं पर आधारित थी। इसमें प्रकृति, जंगल, फसल और गांव की रक्षा करने वाले दैवीय स्वरूप को दर्शाया गया। कांतारा की परंपरा में पूजित दैवीय शक्ति को भगवान विष्णु के वराह अवतार से जोड़कर भी देखा जाता है। वहीं, इस परंपरा में भगवान शिव के उग्र स्वरूप और अन्याय के विरुद्ध न्याय दिलाने वाली शक्ति का भाव भी दर्शाया जाता है।
नन्हे बालक द्वारा प्रस्तुत इस झांकी में पारंपरिक वेशभूषा, भाव-भंगिमा और प्रस्तुति ने दर्शकों को प्रभावित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बालक के प्रयास की सराहना की। अग्रसेन जयंती महोत्सव के दौरान प्रस्तुत इस झांकी ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ दिया।




