पांच दिवसीय महोत्सव में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत, सामाजिक एकता और समरसता का दिया संदेश
ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया। नगर में महाराजा अग्रसेन जयंती का पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें अग्रवाल समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा का नगर में जगह-जगह स्वागत किया गया। जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में समाज के प्रतिभावान लोगों एवं पांच दिवसीय महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्पर्श हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. संजय गोयल एवं उनकी धर्मपत्नी सिद्धि गोयल रहे। वहीं विशेष अतिथि के रूप में डॉ. निर्मल केडिया, उपसंचालक जिला बेमेतरा तथा नगर के प्रमुख व्यवसायी प्रदीप बिंदल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा अग्रसेन के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अग्रवाल नवयुवक मंडल के पदाधिकारियों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ, शाल एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर गणेश ट्रेडर्स के संचालक अमित बिंदल द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार अतिथियों के स्वागत एवं जलपान की व्यवस्था की गई।
महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक : डॉ. संजय गोयल
मुख्य अतिथि डॉ. संजय गोयल ने समाज के लोगों के साथ अपने जीवन के अनुभव एवं प्रेरणादायक प्रसंग साझा किए। उन्होंने महाराजा अग्रसेन के समाजवाद, समानता और सहयोग के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक रुपया, एक ईंट की परंपरा आज भी सामाजिक सहयोग और सामूहिक विकास का प्रेरणास्रोत है। महाराजा अग्रसेन की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब हम उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में समानता, सहयोग और सद्भाव को बढ़ावा देंगे। महाराजा अग्रसेन के विचार हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
विशेष अतिथि डॉ. निर्मल केडिया ने महाराजा अग्रसेन के जीवन परिचय और उनके आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों से उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
45 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को किया याद
विशेष अतिथि प्रदीप बिंदल ने अग्रसेन जयंती महोत्सव के लगभग 45 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास और उससे जुड़ी सुनहरी यादों को साझा किया। उन्होंने नगर के प्रतिष्ठित नागरिक शंभूलाल अग्रवाल एवं प्रेम सिंघानिया का स्मरण करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार चार दशकों से अधिक समय से यह महोत्सव समाज को एकजुट करने तथा महाराजा अग्रसेन के आदर्शों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन के दूरदर्शी विचार आज भी समाज को समानता, सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में सुरेश सिंघानिया, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के जिला अध्यक्ष अनिल सिंघानिया, पुरुषोत्तम सिंघानिया तथा महिला मंडल के पदाधिकारियों ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन पुरुषोत्तम अग्रवाल ने किया। वक्ताओं ने महाराजा अग्रसेन के जीवन, उनके आदर्शों और समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
पांच दिवसीय अग्रसेन जयंती महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में से विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया गया और समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में गौरव बिंदल, आशीष बंसल, प्रतीक सिंघानिया, विकास बंसल, मनीष बिंदल, गोपाल अग्रवाल, विनोद सिंघानिया, शिव बिंदल, हरि अग्रवाल, उज्ज्वल सिंघानिया, प्रतीक अग्रवाल, रौनक मुरारका, आयुष बंसल, राम अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, बंटी सिंघानिया, दीपक बंसल, निखिल अग्रवाल, संतोष केडिया, राधेश्याम अग्रवाल, गोपाल कागलवाल, यशेश अग्रवाल, शैलेश सिंघानिया सहित बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के पदाधिकारी, सदस्य एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।
महाराजा अग्रसेन जयंती का यह आयोजन सामाजिक एकता, आपसी सहयोग, सांस्कृतिक परंपराओं और नई पीढ़ी को महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ने का प्रेरणादायी अवसर बना।




