छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के दौरान एके-47 से हर्ष फायरिंग करने के मामले में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा मानकों और निर्धारित प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठे। पुलिस मुख्यालय ने पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव के माध्यम से जवाब तलब किया है।
विजयादशमी पर आयोजित शस्त्र पूजा के दौरान साड़ी पहनकर एके-47 राइफल से हर्ष फायरिंग करने के मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों को लेकर उठे सवालों के बीच राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा से औपचारिक स्पष्टीकरण तलब किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर इस पूरी घटना का वीडियो प्रसारित होने और उस पर सुरक्षा मानकों से जुड़ी आपत्तियां सामने आने के बाद शुरू की गई है। पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है।
कौन हैं अंकिता शर्मा
अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। मूल रूप से दुर्ग जिले की रहने वाली अंकिता ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2017 में अपने तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 203 हासिल की थी। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने रायपुर और खैरागढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालीं और खैरागढ़ की पहली महिला पुलिस अधीक्षक बनीं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिसिंग की जिम्मेदारी संभालने और सख्त कार्यशैली के कारण भी वह चर्चा में रहीं। वर्तमान में राजनांदगांव की एसपी के रूप में तैनात अंकिता शर्मा अब विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के दौरान एके-47 से हर्ष फायरिंग के वायरल वीडियो और पुलिस मुख्यालय की ओर से स्पष्टीकरण मांगे जाने को लेकर सुर्खियों में हैं।
शस्त्र पूजा के बाद हर्ष फायरिंग का मामला
पुलिस लाइन में विजयादशमी की सुबह पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया था। इस वार्षिक आयोजन का नेतृत्व राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा कर रही थीं। पुलिस विभाग की परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना होने के पश्चात वहां मौजूद अधिकारियों और जवानों द्वारा हर्ष फायरिंग की जा रही थी। इसी क्रम में, पारंपरिक भारतीय परिधान साड़ी पहने हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने भी स्वचालित हथियार AK-47 थामकर हवा में फायरिंग की। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में इंटरनेट पर सार्वजनिक हो गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से उठे सवाल
पुलिस अधीक्षक द्वारा एके-47 से फायरिंग किए जाने की दृश्य सामग्री जैसे ही विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर आई, यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया। आम नागरिकों के साथ कई लोगों ने फायरिंग के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। लोगों का कहना था कि इतने संवेदनशील और घातक हथियार का इस्तेमाल करते समय आवश्यक सुरक्षा दूरी तथा अन्य प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन होना चाहिए था।




