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पटवारियों की हड़ताल से किसान परेशान, धान पंजीयन और खरीदी पर असर की आशंका

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31 अक्टूबर अंतिम तिथि, पंजीयन की तारीख बढ़ाने की मांग; राजस्व संबंधी कामकाज ठप होने से किसानों की बढ़ी मुश्किलें

ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया

थान खम्हरिया। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और धान पंजीयन से जुड़ी तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं के चलते किसानों की परेशानी बढ़ गई है। राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने से किसानों को तहसील कार्यालय और सहकारी समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वर्तमान में राज्य में धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन जारी है, जिसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल के बीच सभी पात्र किसानों का पंजीयन समय पर पूरा हो पाएगा या नहीं, इसे लेकर चिंता बढ़ गई है।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष रोशन सिन्हा ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पटवारियों की हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सीमांकन, राजस्व अभिलेखों में सुधार और अन्य आवश्यक कार्य समय पर नहीं हो पाने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर धान पंजीयन पर भी पड़ सकता है, जिससे आगामी धान खरीदी के दौरान किसानों के सामने समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

रोशन सिन्हा ने सवाल उठाया कि जब पटवारी हड़ताल पर हैं और राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, तब 31 अक्टूबर तक सभी पात्र किसानों का धान पंजीयन कैसे पूरा हो पाएगा? उन्होंने शासन से धान पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की, ताकि किसी भी पात्र किसान को पंजीयन से वंचित न होना पड़े और किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने के अवसर से प्रभावित न हों।

फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप को लेकर पटवारियों में नाराजगी

रोशन सिन्हा ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा लागू किए गए फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप को लेकर भी पटवारियों में नाराजगी है। इस ऐप के माध्यम से डिजिटल सर्वे करने तथा खेतों में जाकर जीपीएस आधारित फोटो अपलोड करने की अनिवार्यता को लेकर पटवारी व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। खड़ी फसल के भौतिक सत्यापन के दौरान आने वाली समस्याओं और कार्य के दबाव के कारण पटवारियों में असंतोष है।

उन्होंने कहा कि शासन को पटवारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर उनका समाधान निकालना चाहिए। कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं होने से हड़ताल की स्थिति बनी हुई है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द पटवारियों से बातचीत कर हड़ताल समाप्त कराने की पहल की जाए, ताकि राजस्व कार्य सामान्य हो सकें और किसानों को राहत मिल सके।

जल्द समाधान निकलने की उम्मीद : तहसीलदार

इस संबंध में तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने बताया कि पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में कलेक्टर महोदय को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समस्या का शीघ्र समाधान निकलेगा और प्रभावित कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।

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