रायपुर। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यकम अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर एक ओर जहां लोगों को नशीले पदार्थों के उपयोग और इसके दुष्परिणामों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
वहीं दूसरी ओर जन जागरूकता के लिए जागरूकता रथ भी रवाना किया गया। साथ ही साथ उपस्थित लोगों से किसी भी प्रकार का नशा नहीं करने की अपील भी की गई।
जिला कलैक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश चौधरी के मार्ग दर्शन में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में पंडित रामसखा उपाध्याय कॉलेज एवं आई टी आई महाविद्यालय में, जागरूकता कार्यक्रम एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित छात्र-छात्राओं को तंबाकू के होने वाले दुष्प्रभाव के विषय में बताया गया। साथ ही साथ उनसे तंबाकू सेवन एवं हर तरह के नशा को नहीं करने की अपील की गई। साथ ही छात्रों को तंबाकू नशा मुक्ति केंद्र के संबंध में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में छात्रों ने नशा मुक्ति का संदेश देते हुए सुंदर-सुंदर चित्र कैनवास पर उकेर अपनी सृजनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों को प्रोत्साहित करने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं महाविद्यालय को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर कार्यकम की नोडल अधिकारी डॉ प्रीति नारायण, सलाहकार डॉक्टर सृष्टि यदु, एवं अन्य स्टॉफ उपस्थित रहें।
महापौर ने किया जागरूकता रथ को रवाना- अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस पर प्रदेश के युवा वर्ग को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से जनजागरूकता प्रचार रथ को रवाना किया गया। सीएमएचओ कार्यालय से निकाले गए रथ को नगर निगम महापौर मीनल चौबे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथलेश चौधरी एवं कार्यकम की जिला नोडल अधिकारी डॉ प्रीति नारायण सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग नशे का सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं, जिसके लिए हर साल 26 जून को नशीली दवाओं का दुरुपयोग और अवैध तस्करी को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए नशा निषेध दिवस मनाया जाता है। नशे की लत सेहत और मानसिक स्वास्थ्य पर काफी ज्यादा प्रभाव डालती है। साथ ही नशीली दवाओं का दुरुपयोग और अवैध तस्करी को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए दिवस मुख्य रूप से मनाया जाता है।रायपुर में भी इसी मकसद से लोगों को नशे की लत से होने वाले खतरों के बारे में बताने के लिए जागरूकता रथ रवाना किया गया है। मौके पर महापौर मीनल चौबे ने लोगों से तंबाकू एवं शराब हर तरह का नशा को छोडऩे का आह्वान किया।
प्रदेश में चिंताजनक हैं तंबाकू सेवन के आंकड़े- स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष तंबाकू सेवन के कारण लगभग 13.5 लाख लोगों की असमय मृत्यु होती है। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (त्र्रञ्जस्) के अनुसार छत्तीसगढ़ की कुल जनसंख्या में से 39.1 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं, जबकि 21.9 प्रतिशत लोग कार्यस्थलों पर भी इसका उपयोग करते पाए गए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे तंबाकू उत्पादों की आसान उपलब्धता और लुभावने प्रचार जिम्मेदार हैं।




