छत्तीसगढ़ की नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए खारून, अरपा, महानदी, शिवनाथ और केलो नदियों में 22 सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा चुके हैं। वहीं नदियों में प्रदूषण फैलाने वालों पर भी सख्ती बरती जा रही है। इसके तहत रायपुर, धमतरी, रायगढ़, बिलासपुर समेत 10 बड़े स्थानों पर 22 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं और उनसे 74 लाख रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है।
दरअसल प्रदेश के नदियों की सफाई में एनजीटी अहम रोल निभा रहा है। नदियों की सफाई के साथ ही केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय नदियों की सफाई की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। राज्य सरकार की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के जिन 22 स्थानों पर एसटीपी ने काम करना शुरू कर दिया है।
उसकी कुल क्षमता 446 एमएलडी है। इससे नालों के गंदे पानी को सीधे में नदियों में जाने से रोका जा रहा है। इसी तरह पांच स्थानों पर एसटीपी बनाने का काम प्रगति पर है तो वहीं 14 स्थानों पर नया एसटीपी बनाने की योजना बनाई जा रही है। इनमें कुम्हारी, सक्ती, शिवरीनारायण, दंतेवाड़ा, चंद्रपुर, दुर्ग जोन-1, दुर्ग जोन-3, भिलाई, कोरबा, अंबिकापुर में तीन, राजनांदगांव में दो एसटीपी शामिल हैं।
9 निकायों में 18 हजार रेन वाटर हार्वेस्टिंग का टारगेट रायपुर, धमतरी, रायगढ़ समेत 10 निकायों में 18452 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का टारगेट रखा गया है। इनमें से 16404 सिस्टम लगाए जा चुके हैं। जबकि 2162 प्रक्रियाधीन हैं। सबसे ज्यादा रायपुर में 10936 सिस्टम बनाना था। इसमें से 9517 लगाए जा चुके हैं। इसी तरह बिलासपुर में 3390 के एवज में 3287 सिस्टम बैठाए जा चुके हैं।
केलो, हसदेव, अरपा जैसी नदियों से 63 अतिक्रमण हटाए नदियों की साफ-सफाई में अतिक्रमण काफी बाधक होते हैं। लेकिन संबंधित निकायों द्वारा केलो, हसदेव, अरपा और शिवनाथ जैसी नदियों पर हुए 63 अतिक्रमण को हटाया गया है। इनमें केलो नदी रायगढ़ में 14, हसदेव में 8, महानदी कांकेर में एक, शिवनाथ सिमगा में 4 तथा अरपा बिलासपुर में अतिक्रमण के 36 मामले पाए गए थे।
नदी किनारे 13 हजार से ज्यादा पौधे रोपे गए नदी किनारे बाढ़ प्रभावित इलाकों में मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए प्लांटेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत खारून में 10 स्थान चिन्हांकित हैं लेकिन यह स्थान काफी नीचे होने के कारण यहां प्लांटेशन नहीं किया गया है जबकि केलो नदी में 7700, हसदेव में 3600, कांकेर में महानदी के किनारे 250, नवापारा में महानदी के किनारे 1600 और राजिम में महानदी के किनारे 520 पौधे लगाए गए हैं। इसी तरह शिवनाथ में 50 पौधे रोपे गए हैं।
रायपुर में सबसे अधिक 30 लाख रुपए जुर्माना वसूला नदियों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी कड़ी में रायपुर, धमतरी, रायगढ, कोरबा समेत दस निकायों में 22 हजार से ज्यादा मामले पंजीकृत किए गए हैं और इनसे 74 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। इनमें सबसे ज्यादा रायपुर जिले में 11 हजार से अधिक मामले में 30 लाख रुपए जुर्माना वसूल किया गया है।



