रायपुर। सुने मकानों में लगातार हो रही चोरियों के पीछे एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। एसएसपी डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि यह गिरोह ‘देवार गैंगÓ के नाम से युवकों द्वारा बनाया गया, जो पहले चोरी के मामलों में जेल जा चुके थे। जेल में ही उन्होंने एक दूसरे से संपर्क कर गैंग की नींव रखी और बाहर आकर सुनियोजित तरीके से शहर में चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया।
गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 5 मुख्य आरोपी सागर नगरहा, भूपेंद्र साहू, शुभांकर पटेल, रवि नेताम और करण ध्रुव शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर मुजगहन, अभनपुर, विधानसभा, पंडरी, खम्हारडीह और डी.डी. नगर थाना क्षेत्रों के 18 से ज्यादा सूने मकानों में चोरी करना स्वीकार किया है।
गिरोह का छठा सदस्य सुरेश सोनझरा चोरी के बाद मुख्य भूमिका निभाता था। वह न केवल गिरोह का सक्रिय सदस्य था, बल्कि चोरी के जेवरात को पहचान छिपाकर उन्हें गलाने और आगे खपाने का काम करता था। यानी वह खरीदार नहीं, बल्कि पूरे सिंडिकेट का एक अहम हिस्सा था, जो चोरी के माल को ठिकाने लगाने में मदद करता था।
गिरोह के पास से 26.5 तोला सोना, 1 किलो 634 ग्राम चांदी, 5 मोबाइल फोन और 5 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने खुलासा किया कि एक बाइक चोरी के पैसों से खरीदी गई थी।
आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(4), 305, 3(5) तथा सुरेश सोनझरा के विरुद्ध धारा 317 के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, गिरोह की आपराधिक प्रकृति को देखते हुए उन पर संगठित अपराध की धाराओं में भी केस दर्ज किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट प्रभारी परेश कुमार पांडेय, मुजगहन थाना प्रभारी सिद्धेश्वर प्रताप सिंह, और उप निरीक्षक सतीश कुमार पुरिया की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और लगातार दबिश देकर गिरोह को गिरफ्तार किया।



