भारतीय लोकतंत्र के अमृतकाल में यदि किसी कालखंड को राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सुशासन, निर्णायक नेतृत्व और वैश्विक प्रतिष्ठा के उत्कर्ष का काल कहा जाए तो निस्संदेह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के ये बारह वर्ष उस गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में स्मरण किए जाएंगे।
वर्ष 2014 में देश की जनता ने एक साधारण परिवार से निकले कर्मयोगी को भारत की बागडोर सौंपी थी। आज लगातार 12 वर्षों तक देश का नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। यह केवल किसी व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के विश्वास, आकांक्षाओं और सपनों की विजय है।
यह यात्रा अचानक नहीं बनी। इसकी मजबूत नींव डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, लौह पुरुष लालकृष्ण आडवाणी तथा प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. मुरली मनोहर जोशी जैसे युगपुरुषों ने अपने तप, त्याग और संघर्ष से तैयार की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी वैचारिक विरासत को जन-जन की शक्ति में परिवर्तित करते हुए भारतीय जनता पार्टी को विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा : अब भारत सहता नहीं, उत्तर देता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला। उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक और आतंकवाद के विरुद्ध कठोर रुख ने यह संदेश दिया कि नया भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
हाल के वर्षों में आतंकवाद के विरुद्ध चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब केवल निंदा तक सीमित रहने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करने वाला शक्तिशाली राष्ट्र बन चुका है।
कोविड संकट में दुनिया के लिए उदाहरण बना भारत
– दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान।
– 80 करोड़ लोगों के लिए निःशुल्क राशन।
– गरीब कल्याण पैकेज।
– वैक्सीन मैत्री अभियान के माध्यम से अनेक देशों की सहायता।
– स्वास्थ्य अवसंरचना का तीव्र विस्तार।
आर्थिक सुधारों का साहसिक दौर
नोटबंदी : काले धन और नकली नोटों पर प्रहार
वर्ष 2016 में लिया गया नोटबंदी का निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में एक साहसिक कदम था। इसका उद्देश्य नकली नोटों, काले धन और आतंकवाद के वित्तपोषण पर प्रहार करना था। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान प्रणाली को व्यापक प्रोत्साहन मिला।
जीएसटी : एक राष्ट्र, एक कर
वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करके देश को एकीकृत कर व्यवस्था प्रदान की गई। इससे व्यापार में पारदर्शिता और प्रक्रियाओं में सरलता आई तथा भारत एक साझा आर्थिक बाजार के रूप में सशक्त हुआ।
आत्मनिर्भर भारत
– मेक इन इंडिया
– स्टार्टअप इंडिया
– डिजिटल इंडिया
– वोकल फॉर लोकल
– सेमीकंडक्टर मिशन
– रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता
गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता
– प्रधानमंत्री आवास योजना
– उज्ज्वला योजना
– आयुष्मान भारत
– जनधन योजना
– किसान सम्मान निधि
– हर घर जल
– हर घर बिजली
सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकीकरण का नया अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा प्रदान की।
– जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए का ऐतिहासिक निष्कासन।
– जम्मू-कश्मीर में आधारभूत संरचना, पर्यटन, शिक्षा और निवेश के क्षेत्र में तीव्र विकास।
– मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक न्याय प्रदान करते हुए तीन तलाक जैसी कुप्रथा का उन्मूलन।
– अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण का ऐतिहासिक अध्याय।
– काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास।
– महाकाल लोक का निर्माण।
– नई संसद भवन का लोकार्पण।
– भारत की प्राचीन सभ्यता और आधुनिक विकास का समन्वय।
पूर्व से पश्चिम तक भाजपा का अभूतपूर्व विस्तार
असम में भाजपा की मजबूत नींव
पूर्वोत्तर भारत आज विकास और सुशासन का नया केंद्र बन चुका है। असम सहित अनेक राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकारें राष्ट्र की मुख्यधारा को मजबूत कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक विजय
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि पश्चिम बंगाल में 4 मई 2026 को भारतीय जनता पार्टी की सरकार का गठन भारतीय राजनीति की ऐतिहासिक घटनाओं में शामिल हो चुका है। यह केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि वैचारिक विजय और राष्ट्रवादी राजनीति के विस्तार का प्रतीक है।
ओडिशा में परिवर्तन का नया अध्याय
लंबे समय तक एक ही दल के शासन के बाद ओडिशा की जनता ने भाजपा को जनादेश देकर विकास और सुशासन पर अपनी मुहर लगाई। यह विजय भाजपा के निरंतर विस्तार और जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
विश्व मंच पर भारत का बढ़ता गौरव
– सफल जी-20 शिखर सम्मेलन।
– अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक मान्यता।
– चंद्रयान-3 और आदित्य एल-1 की सफलता।
– वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका।
– विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्थान।
यदि अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय राजनीति को नई स्वीकार्यता प्रदान की, लालकृष्ण आडवाणी ने संगठन को शक्ति दी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने विचारधारा को दिशा दी, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन महापुरुषों के स्वप्नों को जन-जन की आकांक्षाओं से जोड़कर उसे राष्ट्र पुनर्जागरण के विराट अभियान का स्वरूप प्रदान किया।
अनुच्छेद 370 की समाप्ति, तीन तलाक उन्मूलन, श्रीराम मंदिर निर्माण, जम्मू-कश्मीर का तीव्र विकास, आत्मनिर्भर भारत का संकल्प, राष्ट्रीय सुरक्षा की मजबूती और विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा इस बात का प्रमाण हैं कि मोदी युग के ये 12 वर्ष केवल शासन के बारह वर्ष नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक जागरण और वैश्विक प्रतिष्ठा के स्वर्णिम बारह वर्ष हैं।
“मोदी युग का यह कालखंड आने वाली पीढ़ियों द्वारा भारत के पुनर्जागरण और विकसित भारत की आधारशिला के रूप में स्मरण किया जाएगा।”
वंदे मातरम्।

— आशीष भूषणिया
सामाजिक एवं राजनीतिक चिंतक, रायपुर (छत्तीसगढ़)




