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महासमुंद में सर्जिकल ब्लेड में गड़बड़ी, लूज पैकेजिंग और जंग लगे सर्जिकल ब्लेड की सप्लाई

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दवाइयों में गड़बड़ी को लेकर विवादों में घिरे छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड एक बार फिर विवादों के घेरे पर है। ताजा मामला महासमुंद जिले से सामने आया है। जहां पर महासमुंद जिले के सबसे बड़े अस्पताल, मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में इस्तेमाल किए जाने वाला, सर्जिकल ब्लेड खराब और जंक लगा हुआ पाया गया है। एक दो नहीं बल्कि 50 से अधिक की संख्या में यह ब्लेड जंग लगे हुए पाए गया। जिसे लेकर ऑपरेशन थियेटर की नर्सिंग सिस्टर ने अस्पताल अधीक्षक से इसकी लिखित शिकायत की और इस मरीज के लिए जानलेवा बताया। नर्सिंग सिस्टर की शिकायत पर अस्पताल अधीक्षक ने प्रबंध संचालक CGMSCL को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है और इस बैच और कंपनी के सभी सप्लाई को रद्द कर रिप्लेस करने का पत्र भेजा गया है। अधीक्षक ने प्रबंध संचालक को लिखे गए पत्र में बताया है कि, मार्च महीने के मंथली इंडेंट में सर्जिकल ब्लेड नंबर 22, मात्र 500, जिसका बैच नंबर जी-409, एक्सपायरी डेट 05/2029 है। जब से इस बैच के सर्जिकल ब्लेड को इस्तेमाल में लाया जा रहा है, तब से लेकर अब तक कुल 50 सर्जिकल ब्लेड लूज पैकिंग और जंग लगा पाया गया है। जिसे ऑपरेशन थिएटर में उपयोग में नहीं लाया जा सकता, क्योंकि इसके उपयोग से मरीजों में सेप्टिक का खतरा अर्थात यानी जहां पर ब्लेड से मरीज को कट किया जाए वहां पर संक्रमण या फिर स्कीन खराब हो जाने या खून में संक्रमण फैल जाने का खतरा हो सकता है। मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल के अधीक्षक ने इसका फोटोग्राफ के साथ प्रबंध संचालक को शिकायत की है और इस बैच नंबर जी-409 के तमाम ब्लेड को रिप्लेस करने की मांग की है। CGMSCL के जिला दवा गोदाम से मिली जानकारी के अनुसार मार्च माह में बैच नम्बर जी-409 के ब्लेड की सप्लाई मेडिकल कालेज में 2000, बागबाहरा ब्लॉक में 200, बसना में 500 और पिथौरा में 500 की संख्या में की गई थी। मेडिकल कॉलेज की सप्लाई में लूज पैकेजिंग और रस्ट का मामला सामने आने के बाद अब सभी अस्पतालों से इस बैच के ब्लेड को वापस मंगाया जा रहा है। गौरतलब है कि, मरीज के ऑपरेशन में इस्तेमाल किए जाने वाले सर्जिकल ब्लेड में इस तरह की लापरवाही पर अब आखिर क्या सीजीएमएससीएल सख्ती बरतेगा या फिर ब्लेड को रिप्लेस कर कंपनी के खिलाफ खानापूर्ति की जाएगी। यह एक बड़ा सवाल एक बार फिर सीजीएमएससी के सामने खड़ा हो गया है। महासमुंद जिला एक उदाहरण है, पूरे प्रदेश में इस सप्लाई को लेकर क्या हालात होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

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