कोरबा में शिव भक्ति और धार्मिक उत्साह से जुड़ी शिव महापुराण कथा का आयोजन जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन अब मायूसी और नाराजगी का कारण बनता जा रहा है। आयोजन स्थल को लेकर दो से तीन बार परिवर्तन के बाद अब यह कथा 12 जुलाई से 18 जुलाई तक उरगा स्थित मीरा रिसोर्ट परिसर में आयोजित की जा रही है। आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रही श्री महाकाल भक्त मंडल कोरबा की ओर से जारी नियमों के अनुसार प्रतिदिन केवल 300 श्रद्धालुओं को ही कथा स्थल में प्रवेश की अनुमति दी गई है। वहीं, अन्य श्रद्धालुओं को केवल ऑनलाइन माध्यम से कथा सुनने की सुविधा दी गई है। इस निर्णय से जिलेभर में श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कथा सुनने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचन को बड़े ध्यान से सुना। आयोजन समिति ने कथा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जिसमें श्रद्धालुओं के बैठने, खाने-पीने और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा गया। पुलिस की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर भीड़ को नियंत्रित किया और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कथा का आयोजन धार्मिक महत्व के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव का भी अवसर था। कथा के आयोजन ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक साथ लाने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रविवार को कथा के दूसरे दिन काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए जहां भीड़ को पुलिस के द्वारा नियंत्रित किया गया और सीमित आदमी की कथा का आनंद लिए। लोगों ने बताया कि इस कथा को लेकर वह काफी उत्साहित थे और काफी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे लेकिन कई बार अलग-अलग जगह परिवर्तन हुआ जिसके चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा आज भी वह कथा सुनाने आए हुए हैं जहां भक्तों की कही भी लगी हुई है इसलिए कई लोग मोबाइल से ऑनलाइन देख रहे हैं तो कई लोग कार्यक्रम स्थल से दूर बैठकर उनका कथा सुन रहे हैं। लोगों ने बताया कि इस आयोजन का होना कोरबा वीडियो के लिए बड़ी सौभाग्य की बात है कि कोरबा के पावन धरती पर पंडित प्रदीप मिश्रा जी पहुंचे हुए हैं।



