भाटापारा एवं आसपास के मिलर्स ने विद्युत अवरोध की समस्या से परेशान होकर पिछले माह का बिजली बिल भुगतान न करने का निर्णय लिया है।
भाटापारा एवं आसपास के मिलर्स ने विद्युत अवरोध की समस्या से परेशान होकर पिछले माह का बिजली बिल भुगतान न करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में दाल मिल, पोहा मिल, राइस मिल सहित अन्य उद्योगों से जुड़े उद्यमियों ने छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी को पत्र सौंपा है। मिलर्स ने पत्र में लिखा कि 19 जून 2024 को भी विद्युत अवरोध की समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज की गई थी, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। लगातार हो रही बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या से उत्पादन प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पत्र में कहा गया है कि औद्योगिक लाइन में खराबी के कारण बार-बार ट्रिपिंग होती है। ग्रामीण क्षेत्र की लाइनों को भी उसी लाइन से जोड़ने से स्थिति और भी खराब हो गई है। इससे न केवल उत्पादन ठप हो जाता है, बल्कि प्रति मिल प्रतिदिन लगभग ₹10 लाख तक का नुकसान हो रहा है।
मिलर्स का कहना है कि ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करने के बावजूद विभागीय अधिकारी और कर्मचारी न तो मौके पर पहुंचते हैं और न ही समाधान करते हैं। मरम्मत के लिए पर्याप्त वाहन और स्टाफ की भी व्यवस्था नहीं है, जिससे रात्रि में लाईन फाल्ट आने पर पूरी रात बिजली गुल रहती है। उद्योगपतियों ने चेतावनी दी है कि जब तक विद्युत विभाग द्वारा समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे पिछले माह का बिजली बिल नहीं चुकाएंगे। इस पत्र पर दाल मिल एसोसिएशन भाटापारा और पोहा मुरमुर निर्माता कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर विद्युत विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह मामला भाटापारा औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी समस्या को उजागर करता है, जिससे सैकड़ों उद्योगों की उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है।



