छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में धर्मांतरण के मामले ने बवाल मचा कर रख दिया है आज हजारों की संख्या में ग्रामीण व विश्व हिंदू परिषद के लोग सड़क पर उतरे हुए नजर आए बरसते पानी में हाथों में छाता लिए लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर जमकर नारेबाजी की।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में धर्मांतरण के मामले ने बवाल मचा कर रख दिया है आज हजारों की संख्या में ग्रामीण व विश्व हिंदू परिषद के लोग सड़क पर उतरे हुए नजर आए बरसते पानी में हाथों में छाता लिए लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर जमकर नारेबाजी की विश्व हिंदू परिषद का आरोप है कि प्रत्येक रविवार को जो प्रार्थना सभाएं जिले के विभिन्न जगहों पर आयोजित हो रही है उसे बंद करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है लेकिन अब तक किसी तरह का कोई भी रोकथाम नहीं किया जा रहा है, दरअसल मामला हीरापुर गांव से शुरू हुआ जहां ओबीसी वर्ग के कुछ परिवारों ने गांव में अलग से कब्रिस्तान बनाने की मांग की जिसके बाद गांव में विवाद उपजा और अब पूरे जिले भर के लोगों ने इसके विरोध में आज मार्च निकाला और ज्ञापन सौंपा।
इस सरकार में बढ़ रही विधर्मियों की ताकत
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष बलराम गुप्ता ने बताया कि हमने जिला प्रशासन से प्रार्थना सभाओं के विषय में बात को रखा है उन्होंने बताया कि आज श्रावण के पवित्र महीने में शिव मंदिरों को तोडा जा रहा है आखिर कहां जा रहा हमारा समाज, आज देखिए बारिश में लोग अपने हिन्दू धर्म को बचाने के लिए उतरे हुए हैं, उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि विधर्मियों की ताकत इस सरकार में बढ़ रही है, लेकिन हम हिन्दू समाज अब एकत्र हो रहे हैं गांव गांव से आवाज उठ रही है।
गांव में बिगड़ा माहौल
जिला पंचायत के पूर्व सदस्य कीर्तिका साहू ने बताया कि गांव में कुछ साहू और निषाद परिवार के लोग क्रिश्चियन विचारधारा की बात कहकर अलग कब्रिस्तान बनाने की मांग कर रहे थे, उनका नाम हिन्दू है जाती हिंदू है तो आखिर क्यों वो ये मांग कर रहे हैं ऐसे लोगों की विचारधारा के खिलाफ हम आज सड़क पर उतरे हैं वहीं ग्राम हीरापुर के सरपंच ने बताया कि मेरे पूरे गांव के महिला बच्चे पुरुष हर वर्ग के लोग आज पैदल मार्च में शामिल हुए हैं कुछ परिवार हम पर कम्युनिटी को बरगलाने का काम कर रही है जो बिल्कुल भी स्वागत के योग्य नहीं है।



