मोदी-इशिबा मुलाकात में हाई-स्पीड रेल, चंद्रयान-5 सहयोग और 5 लाख युवाओं के एक्सचेंज प्लान पर सहमति
टोक्यो/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान यात्रा के दौरान शनिवार को अपने समकक्ष शिगेरू इशिबा से मुलाकात की और भारत-जापान रिश्तों को नई ऊँचाई देने वाले कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अगर जापानी टेक्नोलॉजी और भारतीय टैलेंट एक साथ आ जाएं, तो सफलता तय है।
मोदी ने कहा, “जहां हम हाई-स्पीड रेल पर काम कर रहे हैं, वहीं अगली पीढ़ी की मोबिलिटी साझेदारी के तहत हम बंदरगाहों, एविएशन और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से प्रगति करेंगे।” उन्होंने चंद्रयान-5 मिशन में सहयोग के लिए इसरो और जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जाक्सा (छ्व्रङ्ग्र) के बीच हुई सहमति का स्वागत किया और कहा कि यह साझेदारी धरती की सीमाओं से आगे जाकर अंतरिक्ष में भी मानवता की तरक्की का प्रतीक बनेगी।
बैठक में दोनों देशों के बीच ह्यूमन रिसोर्स एक्सचेंज प्लान पर भी चर्चा हुई। इसके तहत अगले 5 सालों में लगभग 5 लाख लोगों का विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान बढ़ाया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि यह कदम दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा और युवाओं के लिए बड़े अवसर खोलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-जापान की साझेदारी न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक और तकनीकी दिशा बदल सकती है। जहां भारत के पास विशाल मानव संसाधन और उभरता हुआ बाजार है, वहीं जापान के पास अत्याधुनिक तकनीक और इंडस्ट्रियल अनुभव है। मोदी और इशिबा की इस मुलाकात में रक्षा, चिप टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। माना जा रहा है कि इस विजि़ट के बाद दोनों देशों के रिश्ते और भी मजबूत होंगे और एशिया में एक नई रणनीतिक ताकत का उदय होगा।




