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मवेशी चराने गए दो ग्रामीण अहिरन नदी में फंसे, SDRF ने रातभर की कड़ी मशक्कत, बाल-बाल बची जान

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जिले के दर्री क्षेत्र में गुरुवार की रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पटेल पारा सुमेधा निवासी दो ग्रामीण छतर सिंह पिता आनंद सिंह (50 वर्ष) और अवध राम पटेल पिता चैत राम पटेल (50 वर्ष) अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल की ओर गए थे। इस दौरान अचानक बारिश के चलते नदी-नालों में तेज बहाव आ गया। दोनों ग्रामीण दोपहर में अहिरन नदी के बीचों-बीच पानी बढ़ने से फंस गए। धीरे-धीरे शाम होने लगी तो ग्रामीणों की चिंता बढ़ी और तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। मामले की जानकारी मिलते ही तहसीलदार दर्री बजरंग साहू, थाना प्रभारी चमन सिन्हा, एएसआई नंदलाल टंडन, आरक्षक रोहित राठौर और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंचे। बढ़ते अंधेरे और तेज बहाव के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। टीम ने रात में करीब डेढ़ घंटे तक लगातार मशक्कत की। रस्सी और नाव की मदद से दोनों ग्रामीणों तक पहुंच बनाई गई और कड़ी मेहनत के बाद रात 11 बजे दोनों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला गया। ग्रामीणों के सुरक्षित निकलते ही परिजनों और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी संख्या में लोग भीड़ के रूप में जमा हो गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से नदी-नालों के तेज बहाव में न उतरने और बरसात के मौसम में सतर्क रहने की अपील की है। बताया जा रहा है कि बरसात के दौरान अहिरन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे आसपास के ग्रामीण अक्सर खतरे में पड़ जाते हैं। फिलहाल दोनों ग्रामीण पूरी तरह सुरक्षित हैं और समय पर रेस्क्यू टीम की मौजूदगी से बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों की मान्यता अक्सर चरवाहा मवेशी चराने के लिए नदी के उसे पर चाहते हैं अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। वहीं लगातार हो रहे बारिश और बांगो डैम से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन के द्वारा लगातार आसपास गांव में मुनादी कराई जा रही है वहीं अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।

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