जिले में बुधवार देर रात से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के प्रमुख इलाकों में जलभराव बारिश का सबसे ज्यादा असर मानिकपुर, रविशंकर नगर, सीतामणी और खरमोर जैसे इलाकों में देखने को मिला। यहाँ सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई जगह नालियाँ उफान पर हैं और उनका गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जो लोगों के घरों में भी घुस रहा है। रविशंकर नगर में स्थिति इतनी खराब है कि निवासियों में भारी आक्रोश है। यहाँ हर साल बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन समाधान नहीं हो पाता। रविशंकर नगर में जलभराव के कारण सुबह-सुबह बच्चों से भरी एक स्कूल बस सड़क पर फंस गई। पानी का स्तर इतना बढ़ गया था कि बस आगे नहीं बढ़ पा रही थी, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में भारी दिक्कत हुई। लगभग आधे घंटे बाद जब पानी थोड़ा कम हुआ, तब जाकर बस को बाहर निकाला जा सका। यह घटना शहर की खराब जल निकासी व्यवस्था को उजागर करती है। लगातार हो रही बारिश के कारण दादर नाला भी उफान पर है। नाले के ऊपर से पानी बहने के कारण कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। शहर की सबसे महत्वपूर्ण जगहों में से एक, जिला मेडिकल कॉलेज के सामने भी जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण भारी जलभराव हो गया है। मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है। प्रशासन को इस समस्या पर ध्यान देने और जल निकासी के लिए दीर्घकालिक समाधान निकालने की आवश्यकता है, ताकि हर साल बारिश में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।



