ब्यूरो चीफ रतन कुमार
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दुर्ग/दंतेवाड़ा/विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के घने मारेदुमिली जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में देश के सबसे खतरनाक और वांछित नक्सल कमांडरों में शामिल माड़वी हिड़मा मारा गया। मुठभेड़ में हिड़मा समेत कुल 6 नक्सली ढेर किए गए।
हिड़मा की मौत को सुरक्षा एजेंसियों ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ी कामयाबी बताया है।
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कौन था हिड़मा?
माओवादी संगठन CPI (माओवादी) की PLGA की बटालियन नंबर-1 का कमांडर।
झीरम घाटी, दंतेवाड़ा, बुरकापाल और कई बड़े घातक हमलों का मास्टरमाइंड।
उस पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पिछले दो दशकों से बस्तर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों का मुख्य प्लानर।
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कैसे हुई मुठभेड़
खुफिया सूचना पर सुरक्षा बलों ने मंगलवार सुबह जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। माओवादी दल ने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में हिड़मा सहित उसके सहयोगी ढेर हो गए। मुठभेड़ स्थल से हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री भी बरामद हुई है।
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सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता
हिड़मा की मौत को विशेषज्ञ नक्सल संगठन के लिए मेजर स्ट्रक्चरल सेटबैक मानते हैं।
उसके मारे जाने से नक्सलियों की रणनीतिक क्षमता, हमलों की योजना और दक्षिण बस्तर में नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।
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स्थानीय इलाकों में राहत का माहौल
लंबे समय से नक्सली हिंसा से प्रभावित बस्तर क्षेत्र में इस खबर के बाद लोगों के बीच राहत और सुरक्षा बलों पर भरोसा बढ़ा है। अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र में विकास कार्यों की गति बढ़ाने में मदद करेगा।




