ब्यूरो चीफ रतन कुमार
दुर्ग। दुर्ग रेंज पुलिस के तकनीकी नवाचारों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) ने “Digital Tools for Crime Prevention: Trinayan and Sashakt” नामक ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को भारत सरकार के प्रतिष्ठित iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया है। यह कोर्स पूरी तरह दुर्ग रेंज पुलिस के नवाचारों पर आधारित है।

iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि, कौशल विकास और दक्षता को सुदृढ़ करना है। इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध मॉड्यूल, मूल्यांकन और प्रमाणपत्र शासकीय सेवा को और अधिक प्रोफेशनल एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाते हैं।
🔹 ‘त्रिनयन ऐप’ – हर CCTV कैमरा अब पुलिस की नजर में
दुर्ग रेंज द्वारा तैयार किया गया त्रिनयन ऐप क्षेत्र के सभी सार्वजनिक और निजी CCTV कैमरों की लोकेशन और जियो-टैगिंग प्रदर्शित करता है। किसी भी घटना के बाद तुरंत CCTV फुटेज उपलब्ध कराने में यह ऐप पुलिस के लिए गेमचेंजर साबित हो रहा है।
🔹 ‘सशक्त ऐप’ – चोरी एवं लापता वाहनों की तुरंत पहचान
दूसरा बड़ा नवाचार सशक्त ऐप है, जो रीयल-टाइम में चोरी और लापता वाहनों की पहचान, जांच और सत्यापन की प्रक्रिया तेज करता है। जल्द ही इसे आम नागरिकों के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे लोग स्वयं भी अपने वाहन की वास्तविक समय में जांच कर सकेंगे।
🔹 IG दुर्ग रेंज श्री राम गोपाल गर्ग की दूरदर्शी पहल
इन दोनों तकनीकी नवाचारों को पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री राम गोपाल गर्ग के दूरदर्शी नेतृत्व और आधुनिक पुलिसिंग के विजन का परिणाम बताया गया है।
BPR&D ने इसे स्मार्ट पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मानते हुए इन एप्लिकेशन को राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में शामिल किया है।
IG श्री गर्ग ने इस उपलब्धि पर पूरे पुलिस बल और तकनीकी टीम को बधाई दी है।




