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कुमार विश्वास ने मनोज प्रजापति स्मृति कार्यक्रम में गूंजाई रामकथा; कहा— “यह परिवार रामकुल मूल्यों का आधुनिक रूप”

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रायपुर । भाजपा के युवा नेता स्वर्गीय मनोज प्रजापति की जयंती पर राजधानी में आयोजित स्मृति समारोह भाव, भक्ति और आदर की अनूठी संगति का साक्षी बना। कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण रहे देश के प्रख्यात कवि और वक्ता डॉ. कुमार विश्वास, जिन्होंने रामचरितमानस और महाभारत के संदर्भों से प्रजापति परिवार के आदर्शों को विशेष रूप से रेखांकित किया।


“मनोज प्रजापति… अल्प आयु में भी अमिट छाप छोड़ने वाले योद्धा”

कुमार विश्वास ने मनोज प्रजापति के जीवन को ‘वीर अभिमन्यु’ की उपमा देते हुए कहा कि वे राजनीति और समाज सेवा में वैसा ही जज़्बा रखते थे—उम्र कम, लेकिन प्रभाव गहरा।
उन्होंने कहा—
“कुछ लोग समय कम होने पर भी इतना कर गुजरते हैं कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बन जाते हैं। मनोज जी उनमें से थे।”


परिवार को दी अयोध्या संस्कारों से जोड़ती उपमा

रामचरितमानस के भावों को केंद्र में रखते हुए उन्होंने प्रजापति परिवार की पारिवारिक एकता की तुलना रामकुल की मर्यादाओं से की।
उनके शब्दों में—
“जिस घर में छोटा भाई बड़े भाई के निर्णय को ही सत्य मानता हो, जहाँ भाभी को मां जैसा सम्मान मिले, जहाँ स्मृति भी प्रेम का उत्सव बन जाए, वह घर अयोध्या बनने से कौन रोक सकता है? मनोज जी के परिवार में वही त्याग, वही प्रेम, वही राम–लक्ष्मण–भरत–शत्रुघ्न की छाया दिखती है।

छत्तीसगढ़: जहाँ राम को मिली ‘दो माताओं’ की गोद

रामकथा के प्रसंगों को छत्तीसगढ़ से जोड़ते हुए उन्होंने कहा—
“कवि कुमार विश्वास ने कहा कि भले ही राम का जन्म मेरे प्रांत के अयोध्या में हुआ, परंतु मुझे सदा इस बात का घमंड है कि भगवान राम को छत्तीसगढ़ में दो मां का प्यार और संस्कार मिला। माता कौशल्या ने उन्हें जन्म दिया जिन्होंने राम को संसार के उद्धार के लिए वन भेज दिया। एक मां शबरी जिन्होंने अपने प्रेम से प्रभु का मार्ग बदल दिया। अपने प्रेम रूपी जूठा बेर खिलाया और उनके पेट की क्षुधा मिटाई।”

युवाओं को दिया ‘स्व’ से ‘समूह’ की ओर बढ़ने का संदेश

अपने वक्तव्य में उन्होंने युवाओं को चेताते हुए कहा कि आज की पीढ़ी My Space में उलझी हुई है, जबकि आवश्यकता We Space की है।
उन्होंने कहा कि—
“युवाओं को अपने आदर्श काल्पनिक चरित्रों में नहीं, बल्कि अपने इतिहास और महापुरुषों में खोजने चाहिए। ऊर्जा और प्रतिभा तभी सार्थक है जब वह समाज के लिए उपयोगी हो।”

हजारों की उपस्थिति, भावनात्मक माहौल

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक राजेश मूणत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रायपुर महानगर के वीर सावरकरनगर के संघचालक सदाशिव गोफने, “क्रांतिरथ छत्तीसगढ़” के संपादक नारायण भूषणिया, डॉ मनमोहन सिंह, सतेन्द्र सिंह, जनप्रतिनिधि , सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन का वातावरण ऐसा था मानो रामकथा की भावभूमि आधुनिक समय में सजीव होकर पुनः प्रकट हो गई हो।

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