नरेंद्र कुमार सेन
अधिकारियों को दिए आवष्यक निर्देष
गरियाबंद /कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने आज सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं, जनकल्याण कार्यक्रमों, अधोसंरचना विकास कार्यों और नागरिक सेवाओं से संबंधित गतिविधियों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से होना चाहिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को बिना विलंब लाभ मिल सके। बैठक में जिले ई-केवाईसी, आवास योजनाएँ, धान खरीदी कार्य, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा विभिन्न विभागीय गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ किसी भी पात्र व्यक्ति से वंचित न रहे और सभी विभागीय अधिकारी अपनी जवाबदेही पूर्ण जिम्मेदारी के साथ निभाएँ।
कलेक्टर ने जनशिकायत एवं पीजी पोर्टल में प्राप्त आवेदनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्राप्त शासन निर्देशों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश भी दिए। सीपी ग्राम में लंबे समय से लंबित पत्रों के निराकरण में देरी को लेकर कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। सभी जनपद सीईओ को अटल डिजिटल सेवा केंद्रों में नागरिकों के बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा वहां उपलब्ध सेवाओं की जानकारी फ्लेक्स के माध्यम से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट, अपार आईडी से संबंधित लंबित कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जिन किसानों का धान खरीदी केंद्रों में विक्रय हो चुका है, उनके समर्पित धान की प्रविष्टि एवं भुगतान प्रक्रिया समय पर पूर्ण की जाए।
उन्होंने धान के बदले वैकल्पिक फसल को बढ़ावा देने, आयुष्मान कार्ड योजना की प्रगति को शत-प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंचाने, महतारी वंदन योजना के लंबित मामलों को शीघ्रता से स्वीकृत करने, तथा शासन की राशि के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा करें, जमीनी स्तर पर निरीक्षण बढ़ाएँ और विकास कार्यों की गति तेज करें।
इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, अनुविभागीय अधिकारी, विभिन्न जिला स्तरीय विभागों के अधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ बैठक में उपस्थित रहे।



