तरल अपशिष्ट खेतों तक पहुंचने फसलें खराब होने का आरोप
रायपुर : कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव में स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट में 2 फरवरी की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 700 से 800 ग्रामीण लाठी-डंडे और पत्थरों के साथ प्लांट परिसर में घुस आए और जमकर तोड़फोड़ की। आक्रोशित भीड़ ने दफ्तर में घुसकर सामान को नुकसान पहुंचाया और कैंपस में खड़ी कार, ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना में लगभग 10 से 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। अगले दिन भी ग्रामीणों ने दोबारा प्लांट में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें खदेड़ दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट उनके खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी उपेक्षा से नाराज होकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सामूहिक रूप से प्लांट का घेराव कर हमला कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि कांकेर से भी फोर्स बुलाई गई है। गांव में तनाव अब भी बना हुआ है और कुछ स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर गुलेल से हमला किए जाने की भी खबर है।
ग्रामीणों ने प्लांट प्रबंधन, विशेषकर एमडी विनोद खन्ना, पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया गया होता और नियमित निगरानी की जाती, तो हालात इतने बिगड़ते नहीं। फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रदूषण संबंधी आरोपों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।




