कोरबा में एसईसीएल सुभाष ब्लॉक क्षेत्र में एक कुत्ते के सिर पर डिब्बा फंस गया था। यह कुत्ता पिछले एक सप्ताह से भूख और प्यास से परेशान होकर भटक रहा था। स्थानीय लोगों ने उसकी दयनीय स्थिति देखकर तुरंत बचाव दल को सूचना दी।
कोरबा में एसईसीएल सुभाष ब्लॉक क्षेत्र में एक कुत्ते के सिर पर डिब्बा फंस गया था। यह कुत्ता पिछले एक सप्ताह से भूख और प्यास से परेशान होकर भटक रहा था। स्थानीय लोगों ने उसकी दयनीय स्थिति देखकर तुरंत बचाव दल को सूचना दी।
कुत्ते के सिर पर डिब्बा बुरी तरह फंसा हुआ था, जिससे वह कुछ खा-पी नहीं पा रहा था। वह अक्सर सुभाष ब्लॉक के घरों के बाहर या हेलीपैड जंगल के आसपास दिखाई देता था। लोग उसे खाना-पानी देते थे, लेकिन डिब्बे के कारण वह कुछ ग्रहण नहीं कर पा रहा था। उसकी हालत दिनों दिन खराब होती जा रही थी। स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ने की कई कोशिशें कीं, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा। दल के सदस्यों ने सावधानीपूर्वक कुत्ते को पकड़ा। काफी मशक्कत के बाद डिब्बे को सुरक्षित तरीके से खींचकर बाहर निकाला गया। कुत्ते को सुरक्षित मुक्त करने के बाद उसे पानी और भोजन दिया गया।
बचाव अभियान और दल के प्रयास
बचाव दल में बबलू कुमार मारुवा, विमल चौहान, पुष्पेंद्र चौहान, सूर्यभान कुर्मी और नीतीश चौहान सहित अन्य सदस्य शामिल थे। दल के सदस्य बबलू कुमार ने बताया कि पहले भी उसे पकड़ने के कई प्रयास किए गए थे। लेकिन हर बार वह हाथ नहीं आ रहा था। इस बार काफी मशक्कत के बाद उसे पकड़ा जा सका, जिससे कुत्ते ने राहत की सांस ली। ऐसी स्थिति में उसकी जान भी जा सकती थी।
असामाजिक तत्वों की करतूत और संदेश
बबलू ने यह भी बताया कि ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। यह निश्चित ही असामाजिक तत्वों की करतूत हो सकती है, जो खिलाने के बहाने जानवरों के सिर पर डिब्बा डाल देते हैं। ऐसे लोगों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्यवाही होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने बचाव दल के साहस और संवेदनशीलता की सराहना की। यह घटना बेजुबान जीवों की सहायता करने के हमारे दायित्व को फिर से साबित करती है।




