ब्यूरो चीफ: अनिल सिंघानिया
थान खमरिया। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास सहित अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन बेमेतरा जिले में इन योजनाओं का लाभ श्रमिकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय श्रमिकों और आम जनता में भारी नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, सैकड़ों जरूरतमंद श्रमिक कलेक्टर कार्यालय स्थित श्रम विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। श्रमिकों का आरोप है कि संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी सही जानकारी देने से बचते हैं और उन्हें एक टेबल से दूसरे टेबल तक भटकाया जाता है।
श्रमिकों ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पाने के लिए उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कार्यालय में स्थायी श्रम कल्याण अधिकारी की नियुक्ति लंबे समय से नहीं होने के कारण भी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
इसके अलावा, श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। श्रम कार्ड में आधार क्रमांक सुधार जैसे सामान्य कार्य के लिए भी श्रमिकों को एक वर्ष से अधिक समय तक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, फिर भी उनका काम नहीं हो पा रहा है।
श्रमिकों का यह भी कहना है कि जब वे अपनी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो उन्हें ऑनलाइन शिकायत करने की सलाह दी जाती है, लेकिन संबंधित पोर्टल अक्सर बंद रहता है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति की समस्या का समाधान नहीं हो पाता और वह केवल कर्मचारियों के आश्वासन में ही उलझा रह जाता है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, कुछ दलाल सक्रिय होकर हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे 50 प्रतिशत तक राशि वसूल रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ सकता है। श्रमिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार कर उन्हें योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाया जाए, ताकि वे अपनी समस्याओं से जल्द मुक्त हो सकें।




