ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खमरिया। विश्व नवकार दिवस के अवसर पर 9 अप्रैल को स्थानीय जैन भवन में सामूहिक रूप से नवकार मंत्र का जाप किया गया। इस दौरान जैन समुदाय एवं अग्रवाल समाज के श्रद्धालुओं ने एकत्र होकर विश्व शांति, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए मंत्रोच्चारण किया। कार्यक्रम प्रातः 8:30 बजे से 9:30 बजे तक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
आयोजन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने “ॐ नमो अरिहंताणं” सहित नवकार मंत्र एवं ओंकार मंत्र का सामूहिक जाप किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर श्रीमती सरिता जैन ने बताया कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में “ॐ” को अत्यंत पवित्र और सार्वभौमिक ध्वनि माना गया है। यह परम सत्य, चेतना और आत्मा के सार का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि मंत्र जाप करने से व्यक्ति के आंतरिक एवं बाहरी विकारों का निवारण होता है, मन शांत होता है तथा परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। नियमित रूप से नवकार मंत्र का जाप करने से तनाव दूर होता है और मानसिक संतुलन बना रहता है।
प्रिंस छाजेड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि नवकार मंत्र जैन धर्म का सर्वोच्च एवं सर्वमान्य मंत्र है, जो पंच परमेष्ठी को समर्पित है। इसके नियमित जाप से मानसिक शांति, एकाग्रता, पुण्य संचय एवं पापों का क्षय होता है। यह मंत्र आत्मशुद्धि, मोक्ष और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने आगे बताया कि चैत्र मास में इस मंत्र का जाप विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह कालखंड भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक से जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर पूरे विश्व में एक ही समय पर नवकार मंत्र का गुंजन कर शांति, अहिंसा और सद्भाव का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण एवं मानवता की भलाई की कामना की।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार अनिल सिंघानिया, पुरुषोत्तम अग्रवाल, गौरव बिंदल, राजेंद्र बिंदल, प्रिंस छाजेड़, रमेश जैन, लीलू जैन एवं मोनू बिंदल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



