ब्यूरो चीफ: अनिल सिंघानिया
थान खमरिया। नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और उसकी खरीद-फरोख्त का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। लंबे समय से चल रही इस समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों, वार्डवासियों एवं जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, लगभग दो माह पूर्व जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले से अवगत कराया था और आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया है। जबकि ऐसे मामलों में अवैध रजिस्ट्री को शून्य घोषित करने, बुलडोजर कार्रवाई करने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का स्पष्ट प्रावधान है।
मामला खसरा नंबर 720, पटवारी हल्का नंबर 6, वार्ड क्रमांक 14 से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा कुटी मार्ग एवं बायपास रोड क्षेत्र में भी अवैध निर्माण और प्लॉटिंग का सिलसिला लगातार जारी है। आरोप है कि अतिक्रमणकारियों ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर प्रधानमंत्री आवास, पक्के मकान एवं दुकानों का निर्माण कर लिया है और इन जमीनों की अवैध रूप से खरीद-फरोख्त भी की जा रही है।

इसी कड़ी में खसरा नंबर 848 के समीप नदी किनारे स्थित शासकीय भूमि पर भी कब्जे का मामला सामने आया है। यहां अतिक्रमण के चलते खेतों तक आने-जाने वाले किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर मेड़ काटकर रास्ते बाधित कर दिए गए हैं, जिसका फायदा उठाकर भू-माफिया द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने का प्रयास किया जा रहा है।
नगर क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ शासकीय एवं गौठान (गठन) भूमि अतिक्रमण की चपेट में बताई जा रही है। आरोप है कि घास जमीन और गौठान भूमि को भी आबादी भूमि बताकर अवैध रूप से खरीदी-बिक्री की जा रही है, जो एक बड़े खेल की ओर इशारा करता है। जबकि शासन स्तर पर गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गौठान भूमि पर कब्जा गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि को मुक्त कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लग सके।
इस संबंध में एसडीएम पिंकी मनहर से दूरभाष पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे तथा किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।




