ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया। प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यालयों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया। कलेक्टर के निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी निलेश कुमार चंद्रवंशी ने नगर के भारत माता कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उल्लेखनीय है कि 16 जून को प्रवेश उत्सव के दिन विद्यालयों में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की कमी संबंधी समाचार प्रकाशित हुआ था। इसके बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने दोनों विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं की बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान संबंधित जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बीईओ चंद्रवंशी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और कहीं भी अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की कार्यप्रणाली, बुनियादी सुविधाएं, नवीन शैक्षणिक सत्र में अध्ययन-अध्यापन की स्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता तथा शिक्षकों की उपस्थिति का अवलोकन किया गया। उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण कर छात्राओं से संवाद किया तथा उनकी शैक्षणिक जानकारी की भी समीक्षा की।
बैठक में विद्यालय परिसर में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा शासन के सात सूत्रीय कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए भी निर्देशित किया गया।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि वे परिश्रम, अनुशासन और लगन के साथ अध्ययन करें तथा अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
पत्रकारिता का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार
बैठक के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने व्यवस्थाओं में सुधार पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उल्लेखनीय है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज और व्यवस्था का आईना बनना तथा कमियों को उजागर कर सुधार की दिशा में सकारात्मक पहल करना है। जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने से ही व्यवस्थाओं में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित हो पाती है।




