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रायपुर में दस लाख रुपये की लूट का खुलासा: कंपनी का कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड,ऐसे दिया घटना को अंजाम

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और नवा रायपुर के बीच मंदिर हसौद इलाके में मंगलवार की रात रात चाकू की नोक पर दस लाख रुपए की लूट मामले में 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी मिली है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और नवा रायपुर के बीच मंदिर हसौद इलाके में मंगलवार की रात रात चाकू की नोक पर दस लाख रुपए की लूट मामले में 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी मिली है। कंपनी का कर्मचारी ही लूट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। मुख्य आरोपी दिनेश राव ने लगभग एक माह पूर्व लूट की साजिश रची थी। आरोपी ने अपने भाई और उसके साथी को शामिल कर घटना को अंजाम दिया । एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना मंदिर हसौद पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से लूट की नगदी रकम नौ लाख सत्तर हजार रुपये जब्त किया गया है। वहीं घटना में प्रयुक्त बर्गमेन वाहन और एक नग मोबाइल भी जब्त किया गया है। जब्त मशरूका की कुल कीमत है करीब दस लाख अस्सी हजार रूपये है। आरोपियों के विरूद्ध थाना मंदिर हसौद में अपराध क्रमांक 286/26 धारा 309(4), 3(5) बीएनएस का अपराध किया पंजीबद्ध गया है। प्रकरण में फरार अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश तेज कर दी गई है।  पुलिस पूछताछ के दौरान घटना की परिस्थितियों, रकम के आवागमन, कर्मचारियों की भूमिका एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं के संबंध में जानकारी एकत्रित की गई। वहीं दूसरी टीम द्वारा घटनास्थल एवं उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्मता से परीक्षण एवं विश्लेषण किया गया। आरोपियों द्वारा घटना के बाद भागने हेतु जिन मार्गों का उपयोग किया गया था, उन सभी संभावित मार्गों को चिन्हित कर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। साथ ही घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन की पहचान एवं उसके स्वामी का पता लगाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे थे।

जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, कंपनी में कार्यरत सभी कर्मचारियों के रिकॉर्ड के परीक्षण तथा हजारों सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन उपरांत टीम को कंपनी के कर्मचारी दिनेश राव की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। पूछताछ के दौरान वह बार-बार अपने बयान बदल रहा था। प्राप्त साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर दिनेश राव ने उक्त लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी दिनेश राव ने बताया कि वह वर्ष 2022 से प्रार्थी की कंपनी में ऑफिस बॉय के रूप में कार्यरत है। उसे कंपनी की नगदी राशि के लाने-ले जाने संबंधी जानकारी रहती थी। आरोपी ने बताया कि प्रार्थी ने बैंक से लगभग 20 लाख रुपये का ऋण लिया हुआ है। प्रार्थी पर अधिक कर्ज होने के कारण उसने कंपनी की नगदी राशि लूटने की योजना लगभग एक माह पूर्व बनाई तथा अपनी इस योजना में अपने भाई (बुआ के पुत्र) एवं उसके एक साथी को शामिल किया। इसके बाद वह उपयुक्त अवसर की तलाश में था।

घटना के दिन कंपनी का कर्मचारी विद्यासागर डहरिया 10 लाख रुपये नगद एक बैग में लेकर कार्यालय से निकला। इसकी जानकारी दिनेश राव को थी। विद्यासागर कार्यालय से निकलकर अपनी मोटर सायकल से नगदी राशि वाला बैग लेकर जा रहा था, तभी दिनेश राव अपनी दोपहिया वाहन से उसका पीछा करने लगा। उसने अपने भाई को फोन कर बुलाया, जिसके बाद उसका भाई अपने एक मित्र के साथ दोपहिया वाहन से वहां पहुंचा। दिनेश राव ने अपने भाई एवं उसके साथी को विद्यासागर की पहचान कराई। इसके बाद दोनों ने विद्यासागर का पीछा किया तथा घटनास्थल के पास चाकू दिखाकर उससे नगदी राशि लूट ली। इस दौरान दिनेश राव और उसके भाई के बीच लगातार मोबाइल फोन पर संपर्क बना रहा। लूट की घटना को अंजाम देने के बाद दिनेश राव ने अपने भाई को अमलेश्वर बुलाया। वहां तीनों मिले, जहां दिनेश राव ने अपने भाई एवं उसके साथी से बैग सहित 10 लाख रुपये नगद प्राप्त किए। उक्त राशि में से उसने दोनों को 30,000 रुपये दिए तथा शेष 9,70,000 रुपये (नौ लाख सत्तर हजार रुपये) स्वयं अपने पास रख लिया।

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