Home छत्तीसगढ़ कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रगति की ली समीक्षा

कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रगति की ली समीक्षा

8
0

जिले में 7 हजार असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य, घर-घर सर्वे अभियान जारी
सितंबर में होगी महापरीक्षा, सभी विभागों से सहयोग की अपील
साक्षरता मिशन की बैठक में शिक्षा गुणवत्ता और बोर्ड परीक्षा परिणामों की हुई समीक्षा
कलेक्टर ने बालवाड़ियों में नियमित उपस्थिति और विद्यार्थियों की सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
जेईई, नीट, नवोदय एवं छात्रवृत्ति परीक्षाओं के लिए प्रभावी तैयारी पर दिया गया जोर
उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों के षिक्षकों को किया गया सम्मानित

नरेन्द्र कुमार सेन

गरियाबंद, / कलेक्टर श्री बीएस उइके की अध्यक्षता में आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति, विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों तथा आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा और संस्कारों पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी बालवाड़ियों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा कक्षा 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए ब्लू प्रिंट के आधार पर कई चरणों में टेस्ट आयोजित किए जाएं तथा विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएं।
कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षाओं के अलावा अन्य कक्षाओं के परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय स्तर पर मासिक परीक्षा परिणाम एवं अन्य शैक्षणिक आंकड़ों का नियमित संकलन और विश्लेषण सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों की प्रगति का सतत मूल्यांकन किया जा सके। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर ने विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनमें रचनात्मकता, समझ और स्वयं सीखने की क्षमता विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं बीआरसी को जिले के सभी विद्यालयों का नियमित एवं औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में जवाहर नवोदय विद्यालय, राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना, जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिक से अधिक विद्यार्थियों के नामांकन एवं चयन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को विद्यार्थियों की प्रारंभिक स्तर से तैयारी कराने तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) कार्यक्रम, बालवाड़ी के बेसलाइन, मिडलाइन एवं एंडलाइन आकलन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को सीखने के स्तर में सुधार लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश कुमार चंद्राकर एवं जिला परियोजना अधिकारी श्री बुद्धविलास सिंह ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव के निर्देशानुसार 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों की पहचान के लिए घर-घर सर्वेक्षण किया जा रहा है। राज्य स्तर से जिले को 7 हजार असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके तहत स्वयंसेवी शिक्षकों के चिन्हांकन, उल्लास साक्षरता केंद्रों की स्थापना तथा ग्राम प्रभारियों की नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सितंबर 2026 में महापरीक्षा अभियान का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान में अधिक से अधिक असाक्षरों को शामिल करने तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विभाग प्रमुखों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई। इस दौरान कलेक्टर श्री उइके ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक एवं विकासखंड परियोजना
उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here