बंदियों को समयबद्ध विधिक सहायता, स्वास्थ्य, भोजन एवं सुविधाओं का लिया जायजा, प्रशिक्षण प्राप्त बंदियों को बांटे प्रमाण-पत्र
ब्यूरो चीफ: अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया,। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने गुरुवार को जिला जेल बेमेतरा का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाएं, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त विचाराधीन बंदियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।

निरीक्षण की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती सरोज नंद दास ने की। इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, अपर कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान बोर्ड ने जेल लीगल एड क्लीनिक, विधिक सहायता हेल्प डेस्क, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, मुलाकात कक्ष, बैरकों, भोजनालय, शौचालय एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सभी बैरकों का भ्रमण कर बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा की और उनकी समस्याओं व सुझावों की जानकारी ली। बंदियों ने बताया कि जेल में सभी के साथ समान व्यवहार किया जाता है तथा किसी प्रकार का जातिगत भेदभाव नहीं किया जाता। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों में भी जाति संबंधी किसी प्रकार का उल्लेख नहीं पाया गया।
बोर्ड ने बंदियों के मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए उपलब्ध मनोरंजन सुविधाओं का भी अवलोकन किया। जेल की बैरकों में टेलीविजन के माध्यम से समाचार, योग, आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रमों का प्रसारण कराया जा रहा है। इसके अलावा तबला, ढोलक, झांझ, मंजीरा सहित विभिन्न वाद्ययंत्र तथा लूडो एवं कैरम जैसी खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
भोजन एवं पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बोर्ड ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि जेल मैनुअल के अनुरूप प्रतिदिन बदलते मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा मौसमी सब्जियों एवं दालों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिला जेल में प्रत्येक मंगलवार को चिकित्सा अधिकारी द्वारा बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है तथा प्रतिदिन फार्मासिस्ट आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। बोर्ड ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 12 दिवसीय “लघु उद्यमी फास्ट फूड स्टॉल” प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले विचाराधीन बंदियों को बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि कौशल विकास आधारित ऐसे प्रशिक्षण बंदियों के पुनर्वास, आत्मनिर्भरता तथा समाज की मुख्यधारा से पुनः जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




