ब्यूरो चीफ: अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया। एक ओर देश में आधुनिक सड़क निर्माण के जरिए विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों के किसान आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिन परिस्थितियों का सामना करने को विवश हैं। समीपस्थ ग्राम भनोरा के किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए कीचड़ और दलदल से भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी है कि उन्हें खाद, बीज एवं कृषि उपकरण पीठ पर लादकर खेत तक ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्राम के कृषक विजय कुमार साहू, पुरुषोत्तम साहू, रूपसिंह साहू एवं सुंदर साहू ने बताया कि खेतों तक जाने वाला धरसा मार्ग पूरी तरह कीचड़मय हो चुका है। बारिश के दिनों में इस रास्ते पर पैदल चलना भी बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे में खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री खेत तक पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है।

किसानों ने बताया कि इसी मार्ग से होकर गांव के अधिकांश किसान चीजगांव, सिंघनपुरी, ढोरली, मेड़ा एवं कोयला स्थित अपने खेतों तक पहुंचते हैं। मार्ग की बदहाल स्थिति के कारण हर दिन उन्हें भारी परेशानियों और जोखिम का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार लगभग एक किलोमीटर लंबे इस मार्ग में केवल थोड़ी दूरी तक ही मुरूम बिछाई गई है, जबकि शेष हिस्सा दलदल में तब्दील हो चुका है। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन भी लगभग बंद हो गया है।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से जल्द से जल्द मार्ग का निर्माण एवं मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद गांव की मूलभूत समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सड़क की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।




