Home छत्तीसगढ़ गुवारा हादसे ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना की खोली पोल

गुवारा हादसे ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना की खोली पोल

38
0

 

जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग, जांच रिपोर्ट में देरी पर उठे सवाल

ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया

थानखम्हरिया।

थानखम्हरिया क्षेत्र के ग्राम गुवारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में कक्षा के दौरान छत का प्लास्टर गिरने से दो बच्चों के घायल होने की घटना ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत हुए निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने निर्माण कार्यों में लापरवाही तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर शासन स्कूलों के कायाकल्प और करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गुवारा जैसी घटनाएं योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर कर रही हैं। उनका आरोप है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी और भ्रष्टाचार के कारण बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत वर्ष 2022-23 में कराए गए निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति का गठन किया था। समिति को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी, लेकिन लगभग पांच माह बीत जाने के बाद भी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं हो सकी है। जांच के दायरे में नवागढ़ की 254, साजा की 208, बेरला की 195 तथा बेमेतरा की 159 शालाएं शामिल हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि जांच में हो रही देरी से करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर संदेह और गहरा हो गया है। उनका कहना है कि यदि समय पर निष्पक्ष जांच होती, तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता था।

ग्रामीणों ने पूरे जिले के जर्जर स्कूल भवनों का तत्काल सर्वे कर नए भवनों के निर्माण की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित विद्यालय उपलब्ध कराना है, लेकिन गुवारा की घटना ने इस उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

सरपंच प्रतिनिधि पुन्नी यादव ने बताया कि गुवारा स्कूल का पुराना भवन तीन वर्ष पहले जर्जर होने के कारण ढहा दिया गया था और वर्तमान में स्कूल केवल दो अतिरिक्त कक्षों में संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नए भवन के निर्माण की मांग कई बार विभागीय मंत्री, अधिकारियों एवं विधायक से की जा चुकी है।

घटना के बाद प्रशासन ने जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत हुए मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच कराई जा रही है। इस मामले में कार्यपालन अभियंता, प्रधानपाठक, बीईओ, बीआरसी तथा संकुल समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

बीआरसी खोमलाल साहू ने बताया कि संबंधित विद्यालय में पहुंचकर सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच की जाएगी तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here