पुरी। विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा के दौरान उस समय एक अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई, जब भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब में अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। बड़ादांड पर मची इस भगदड़ में दबने और दम घुटने के कारण एक श्रद्धालु की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक 100 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गया है। इसके अलावा कई अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं।
जानकारी के अनुसार, महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन तथा रथ खींचने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। रथ यात्रा के दौरान बड़ादांड पर भीड़ का दबाव अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया, जिससे कुछ जगहों पर स्थिति प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो गई। श्रद्धालुओं के बीच आगे बढ़ने की होड़ में अचानक धक्का-मुक्की और ठेलमठेल शुरू हो गई। इसी अफरा-तफरी के बीच पैर फिसलने से कुछ श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और भीड़ के नीचे दब गए। घटनास्थल पर तैनात पुलिस बल और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों (जैसे सेंट जॉन एम्बुलेंस) के सदस्यों ने बिना समय गंवाए मुस्तैदी दिखाई। उन्होंने तुरंत भीड़ के बीच से प्रभावित श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी जिला मुख्य अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने एक श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का आपातकालीन वार्ड में इलाज जारी है।
हादसे की खबर फैलते ही आस्था के इस महापर्व के बीच बड़ादांड पर शोक की लहर दौड़ गई है। हालांकि जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन इस अनपेक्षित हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए सभी भक्तों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा घेरे का पालन करते हुए अनुशासित तरीके से दर्शन करने की अपील की है। हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बड़ादांड और रथों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात कर भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि आगे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करें और धैर्यपूर्वक महाप्रभु के दर्शन करें।




