ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया के भाटापारा स्थित शीतला मंदिर परिसर में आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर वार्डवासियों एवं नगरवासियों के सहयोग से संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास आचार्य अक्षय नारायण दुबे ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति एवं सदाचार का संदेश दिया।
कथा के दौरान आचार्य श्री ने अमर कथा एवं श्री शुकदेव जी के जन्म प्रसंग का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की कृपा के बिना भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य प्राप्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और प्रेम से कथा सुनने वाला व्यक्ति आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति करता है और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।

आचार्य श्री ने कहा कि प्रभु से बढ़कर इस संसार में कोई सुख, संपत्ति और वैभव नहीं है। मानव जीवन केवल सांसारिक विषय-वासनाओं के लिए नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और ईश्वर प्राप्ति के लिए मिला है। यदि जीवन का लक्ष्य भगवान को प्राप्त करना बना लिया जाए, तो इससे बड़ा कोई धन और वैभव नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सदैव कल्याण होता है। कथा के समय स्वयं भगवान भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। जो श्रद्धालु सच्चे मन से कथा सुनते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा निष्काम भाव से कथा श्रवण करने वालों के लिए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे कथा में केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि उसके संदेशों को अपने जीवन में उतारने के उद्देश्य से आएं। भक्ति, सेवा, सदाचार और प्रभु स्मरण से ही मानव जीवन सार्थक बनता है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति में जाति, धर्म और मजहब का कोई भेद नहीं होता। सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करने वाले प्रत्येक भक्त पर ईश्वर की विशेष कृपा होती है।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन एवं भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान किया गया। संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित किया।
आयोजन को सफल बनाने में घसिया निषाद, हरिश्चंद्र साहू, रामसनेही नामदेव, सोमनाथ सिन्हा, गणेश साहू, कुमार पाल एवं मनोज सिन्हा सहित वार्डवासियों और नगरवासियों का विशेष सहयोग रहा। सभी कार्यकर्ता आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं तथा श्रद्धालुओं की सेवा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।




